इंदौर:नगर निगम के वार्ड 61 में पिछले तीन सालों से शौचालय का काम अधूरा पड़ा है. इस बात का खुलासा आज महापौर द्वारा वार्ड निरीक्षण के दौरान पार्षद के जानकारी देने पर हुआ. महापौर ने नाराजगी जाहिर कर ठेकेदार कंपनी को निलंबित करने के आदेश अधिकारियों को दिए.महापौर पुष्यमित्र भार्गव नगर निगम वार्ड 61 में विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे.
इस दौरान पार्षद भावना चौधरी ने बताया कि वार्ड का सार्वजनिक शौचालय निर्माण पिछड़े तीन सालों से अधूरा पड़ा है. इस कारण क्षेत्र की जनता सुविधा से वंचित हो रही है. इसके बाद महापौर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्माता कंपनी को टर्मिनेट करने के निर्देश दिए.महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए नगर निगम झोन क्रमांक 12 के अधिकारियों कहा कि क्षतिग्रस्त शौचालय को तोड़कर नए निर्माण का कार्य महज़ छह माह में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि 38 महीने गुजर जाने के बाद भी निर्माण अधूरा ही पड़ा है.इसके बाद निगम झोनल अधिकारी ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले मेसर्स राधेश्याम कंसल का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है.
सिक्योरिटी की राशि भी राजसात की निगम ने परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की राशि भी राजसात कर दी है. साथ ही ठेकेदार को सात दिन के अंदर जवाब देने का नोटिस जारी किया है. नोटिस में ठेकदार कंपनी को पूछा है कि क्यों ना आगामी तीन वर्षों तक निगम की किसी भी निविदा में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया जाए.
