डरहम, 23 जुलाई (वार्ता) इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे में जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी करने उतरीं तो उनका पहला रन 11वीं गेंद पर आया। यह 102 रनों की शतकीय पारी की शुरुआत थी, जिसने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीरीज जीत की नींव रखी और घर पर होने वाले वनडे विश्व कप से पहले पूरी दुनिया को एक सशक्त संदेश भी दिया।
चेस्टर-ली-स्ट्रीट में जब उन्होंने ग्यारहवीं गेंद खेली तो बाएं हाथ की स्पिनर लिंसी स्मिथ की गेंद पर खूबसूरत कवर ड्राइव के जरिये बाउंड्री पाई। धीमी शुरुआत होने के बावजूद वह अपनी लय में आ चुकी थीं।
हरमनप्रीत का यह शतक वनडे में उनका सातवां लेकिन पिछली 13 पारियों में पहला 50+ स्कोर था। दौरे की शुरुआत में ईसीबी डेवलपमेंट XI के खिलाफ खेले गए 50 ओवर के वार्म-अप मैच में उन्होंने 54 रन बनाए थे और इंग्लैंड के खिलाफ सफेद गेंद की दोनों सीरीज में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर केवल 26 रन था, जो उन्होंने चौथे टी20 में बनाया।
मैच के बाद उन्होंने कहा, ”हर मैच में मैं बल्लेबाजी में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी लेकिन आज का मैच हमारे लिए बहुत अहम था। योजना यह थी कि क्रीज पर कुछ समय बिताया जाए और फिर देखा जाए कि आगे क्या होता है। वह रणनीति मेरे लिए कारगर रही। पहली दस गेंदों पर मुझे कोई रन नहीं मिला लेकिन तब मैं खुद से कह रही थी: ‘मुझे हार नहीं माननी है, बस टिके रहना है, टीम के लिए टिके रहना है।”
82 गेंदों में शतक पूरा करके हरमनप्रीत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल बनाए गए 87 गेंदों वाले शतक को पीछे छोड़ दिया और महिलाओं के वनडे में भारत के लिए दूसरा सबसे तेज शतक बनाया। इस साल की शुरुआत में आयरलैंड के खिलाफ स्मृति मंधाना ने 70 गेंदों में शतक लगाया था जो भारत के लिए सबसे तेज शतक है। साथ ही वह 4000 रन पूरे करने वाली भारत की तीसरी महिला खिलाड़ी भी बनीं।
भारत के लिए संतोषजनक बात यह भी रही कि पूरी बल्लेबाजी इकाई ने अच्छा प्रदर्शन किया। जेमिमाह रॉड्रिग्स ने 50 रन बनाए और हरमनप्रीत के साथ चौथे विकेट के लिए 110 रन की साझेदारी की। मंधाना और हरलीन देओल ने 45-45 रन बनाए और ऋचा घोष ने 18 गेंदों में 38 रन की तेज पारी खेली।
इसके बाद क्रांति गौड़ ने 52 रन देकर छह विकेट लिए और इंग्लैंड की टीम को 305 रन पर आउट कर दिया। इंग्लैंड एक गेंद बाकी रहते 13 रन से विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल करने से चूक गई। गौड़ महिलाओं के वनडे में भारत की ओर से पांच विकेट लेने वाली दूसरी सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। उनसे कम उम्र में यह उपलब्धि केवल दीप्ति शर्मा ने हासिल की थी।
हरमनप्रीत ने गौड़ के बारे में कहा, ”जब भी वह मैदान पर होती हैं और गेंदबाज़ी कर रही होती हैं तो वह प्रभावशाली रहती हैं। मैं बहुत खुश हूं जिस तरह की गेंदबाजी उन्होंने की और जब भी हमें ब्रेकथ्रू की जरूरत थी, वह टीम के लिए मौजूद थीं।”
भारत का 318/5 का स्कोर इंग्लैंड में किसी भी मेहमान टीम द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर है। यह 2025 में पांचवीं बार था, जब भारत ने वनडे में 300 से अधिक रन बनाए।
मंगलवार की यह करीबी जीत भारत के दबदबे को पूरी तरह नहीं दर्शाती। हरमनप्रीत ने कहा कि इंग्लैंड दौरे से उनकी टीम को आत्मविश्वास मिला है, जिसमें टी20 सीरीज में 3-2 की जीत भी शामिल है।
हरमनप्रीत ने कहा, ”आज की स्थिति पूरी तरह अलग थी, पिच भी अलग थी, माहौल भी अलग था और घरेलू हालात में यह और अलग होगा, लेकिन जब आप जीतते हैं तो जीत हमेशा आपको सकारात्मक सोच देती है और अच्छी स्थिति में रखती है। यह सीरीज निश्चित रूप से हमें बहुत आत्मविश्वास देगी लेकिन जब हम वापस जाएंगे तो फिर से हमें पहली गेंद से शुरुआत करनी होगी।”
वह इस बात से भी संतुष्ट थीं कि उनकी टीम सही समय पर फ़ॉर्म में आ रही है।
उन्होंने कहा, ”हमारी टीम कई सालों से बहुत मेहनत कर रही है और अब वह समय है जब हमें उसका फल मिल रहा है। हम केवल अच्छा क्रिकेट खेलने की बात करते हैं और हमें पता है कि हमारे पास किस तरह की प्रतिभा है। जरूरत है बस सही समय पर सही टैलेंट का उपयोग करने की और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लेने की।”
”मैं बहुत खुश हूं कि सभी लड़कियां सकारात्मक सोच के साथ आगे आ रही हैं और अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत कर रही हैं। पिछले कुछ सालों में हमने बहुत कुछ सीखा है और अब हम उस मानक को पार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि खुद को उस स्थिति में ला सकें जहां लोग महिलाओं के क्रिकेट के बारे में बात करें। लोग भारत में क्रिकेट को बहुत प्यार करते हैं और वे चाहते हैं कि हम अच्छा प्रदर्शन करें।”
