सीहोर. शिक्षकों के समय पर स्कूल नहीं पहुंचने के किस्से तो आए दिन सामने आते रहते हैं, लेकिन सीहोर जिले के एक शिक्षक ने हैरत अंगेज कारनामा कर दिखाया है. जनपद पंचायत का आदेश न मानते हुए शिक्षक ने झूठी जानकारी और रिपोर्ट बनाकर भध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह को लाभ पहुंचाया है. जबकि गुणवत्तापूर्ण खाना न देने पर जनपद पंचायत द्वारा उक्त समूह को प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी से पृथक कर दिया था.
यह मामला जिले के बरखेड़ा हसन संकुल केंद्र की प्राथमिक शाला हीरापुर का है. यहां स्कूल और आंगनवाड़ी में किरण स्व सहायता समूह को मध्यान्ह भोजन बनाने का काम दिया गया था. लेकिन गुणवत्तापूर्ण भोजन न दिए जाने की शिकायत के बाद जनपद पंचायत ने 23 जनवरी 2024 को आदेश जारी करते हुए प्राथमिक शाला और आंगनवाड़ी से भोजन बनाने के कार्य से मुक्त कर दिया गया था. लेकिन खास बात यह है कि उस समय संस्था के प्रभारी सईद खां ने यह बताया था कि समूह को हटा दिया गया है और एसएमसी भाजन बना रही है. इस मामले में फिर शिकायत हुई और 7 जनवरी 2025 को जनपद पंचायत ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि तत्काल मध्यान्ह भोजन वाले समूह को हटाया जाए. इस मामले में 19 फरवरी 2025 को शिक्षक सईद खां ने हस्तलिखित स्वयं की मोहर और हस्ताक्षर से झूठा पालन प्रतिवेदन दिया कि मध्यान्ह भोजन एसएमसी द्वारा बनाया जा रहा है.
मामले में जनपद पंचायत के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी गई है. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि शिक्षक सईद खां द्वारा जो किरण स्व सहायता समूह को न हटाते हुए वरिष्ठ कार्यालय को झूठा आश्वासन और झूठा पालन प्रतिवेदन देते हुए 1 साल 6 महीने ओर 12 दिन तक किरण स्व सहायता से भोजन बनवाया गया. इस दौरान यदि अनुमानित 482 दिन भी शाला लगती है तो नई दर से 41 छात्र-छात्राओं की राशि करीब 1 लाख 7 हजार 256 रुपए एवं खाद्यान्न का सीधा लाभ पहुंचाया है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र को प्रदाय राशि और खाद्यान्न की गणना अलग से करने की बात भी जांच रिपोर्ट में कहते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है.
समूह को हटाया तो करने लगे झूठी शिकायत
मामले में नया मोड़ तब आया जब शिकायत के बाद जनपद पंचायत ने तीसरी बार स्कूल को पत्र भेजकर मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह को न हटाने पर स्पष्टीकरण मांगा. तब संस्था प्राचार्य ज्योति राजोरिया को पूरा मामला पता चला. जिसके बाद उन्होंने 13 जुलाई को एसएमसी की बैठक कर समूह को हटा दिया। इसके बाद समूह संचालक अब प्रभारी ज्योति राजोरिया के खिलाफ झूठी शिकायतें करना लगे और उन्हें परेशान करने की धमकियां देने लगे. इस संबंध में समूह संचालकों द्वारा संस्था प्रभारी के खिलाफ जन सुनवाई में भी शिकायत की गई है.
प्रभारी को भी बताया कि समूह बना रहा भोजन
खास बात यह है कि शाला की प्रभारी ज्योति राजोरिया की पदस्थापना वर्ष 2018 से जनशिक्षक के रूप में शास. एमएलबी गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल में की गई थी। 3 जून को आदेश के बाद वे कार्यमुक्त होकर वापस अपनी संस्था प्राथमिक शाला हीरापुर पहुंची तो वहां के शिक्षक सईद खां ने उन्हें प्रभार देते हुए बताया था कि शाला में मध्यान्ह भोजन बनाने का कार्य किरण स्व सहायता समूह के द्वारा ही किया जाता आ रहा है। इस आधार पर समूह ने मध्यान्ह भोजन संचालन के नवीनीकरण के लिए स्व सहायता समूह ने अनुबंध पर हस्ताक्षर करवा लिए और बच्चों को मध्यान भोजन दिया जाने लगा.
संबंधित से रिकवरी की जाएगी
जनपद पंचायत द्वारा पत्र जारी होने के बाद भी संस्था प्रभारी द्वारा स्व सहायता समूह से भोजन बनवाना जारी रखा गया. अधिकारियों द्वारा की गई जांच में जो अनियमितताएं पाई गई हैं उसके आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दोषी तत्कालीन संस्था प्रभारी से रिकवरी करने के आदेश दिए गए हैं.
अशोक वर्मा
बीआरसीसी
