सिवनी: सिवनी जिले के थाना एवं तहसील छपारा अंतर्गत ग्राम चमारीखुर्द की महिलाओं ने गांव में हो रहे अवैध शराब विक्रय के विरुद्ध गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से शासकीय ठेके की शराब को गाँव में लाकर अवैध रूप से बेचा जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह शराब किसी एक स्थान पर नहीं बल्कि लगभग 11से 12 निजी दुकानों में अन्य सामानों के साथ छिपाकर बेची जा रही है।
महिलाओं का आरोप है कि गाँव में शराब की आसान उपलब्धता से पुरुष वर्ग में इसका अत्यधिक उपयोग बढ़ गया है, जिसके कारण परिवारिक जीवन, घर-गृहस्थी और बच्चों के पालन-पोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। महिलाओं ने इन दुकानों के संचालकों से सामूहिक रूप से मिलकर शराब विक्रय बंद करने का निवेदन भी किया था और इसके लिए अपने सुझाव व शर्तें सामने रखी थीं।
आरोप है कि निवेदन के बाद संबंधित दुकानदारों ने शराब कारोबार से जुड़े माफियाओं को सूचना दे दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर महिलाओं को प्रताड़ित किया। ग्रामीणों का दावा है कि इसी दबाव के तहत उनके खिलाफ पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण भी दर्ज करा दिया गया, जिसकी जानकारी उन्हें 3 दिसंबर 2025 को थाना छपारा से प्राप्त नोटिस के माध्यम से मिली।
ग्राम की महिलाओं ने इस कार्रवाई को अवैध और पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से माँग की है कि ग्राम चमारीखुर्द में अवैध शराब विक्रय को तत्काल और स्थायी रूप से बंद कराया जाए तथा उनके विरुद्ध दर्ज किए गए कथित रूप से गलत आपराधिक मामले को वापस लिया जाए।
महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगी।
