नई दिल्ली, 12 दिसंबर, 2025: भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था ने पिछले पाँच वर्षों (2020-2025) में एक अभूतपूर्व उछाल दर्ज किया है। कोविड-19 महामारी के बाद हुए इस तेज सुधार ने वेल्थ क्रिएशन के पिछले 30 वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (MOFSL) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में देश की शीर्ष 100 कंपनियों के मार्केट कैप में ₹148 लाख करोड़ का भारी इजाफा हुआ है।
MOFSL की रिपोर्ट बताती है कि इस रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि में वित्तीय क्षेत्र (बैंक और बीमा कंपनियाँ) का योगदान सबसे अधिक रहा है। इसके बाद, उद्योग, टेक्नोलॉजी और यूटिलिटी सेक्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारी कंपनियाँ (PSU), खासकर रक्षा और ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में, तेजी से आगे बढ़ रही हैं। व्यक्तिगत कंपनियों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने सबसे अधिक संपत्ति बनाई है।
इस मजबूत प्रदर्शन के कारण भारत ने वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन चुका है। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था $4 ट्रिलियन से $16 ट्रिलियन की ओर बढ़ेगी, निवेश के नए और बड़े अवसर पैदा होंगे।

