रमाबाई नगर: बस्ती के रहवासियों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं

इंदौर:वार्ड क्रमांक 50 के रमाबाई नगर की समस्याएं सामने देखने को मिली है. रमाबाई वह बस्ती है जहां पिछले तीस वर्षों से आज तक विकास नहीं किया गया. बरसात के मौसम की समस्याएं पर गौर किया जाए तो बस्ती के हर घर चारों तरफ गंदगी फैली दिखाई देती है. बस्ती सभी गलियों में एक भी ऐसा हिस्सा नहीं देखने को मिला जहां कीचड़ नहीं दिखा हो. हल्की बरसात में ही यहां के रहवासियों का रहना दुभर कर रखा है.

बताया जाता है कि तेज बरसात होने पर घरों के अंदर घुटने-घुटने पानी भर जाता है. बस्ती में बरसात के कारण इतनी गंदगी हो जाती है कि शहर का आम नागरिक तो अंदर जाना ही पसंद नहीं करें. इस तीन दशक में छः बार चुनाव हुए हैं. हर बार चुनाव के समय बस्ती के विकास के वादे किए जाते हैं लेकिन आज भी यहां पर मूलभूत सुविधाएं नदारत है. इसका एक बड़ा कारण यह सामने आया है कि बताया जाता है कि यह बस्ती निजी जमीन पर बसी हुई है जिस कारण न्यायालय में प्रकरण चल रहा है.
इनका कहना है
समस्याओं ने बस्ती में डेरा डाले रखा है. मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में पूरी जिंदगी गुजर गई. अब हमारे बच्चों का जीवन स्तर बेहतर हो इसलिए हम बस्ती में मूलभूत सुविधा चाहते हैं.
– चेतन सालवी
अभी तो मानसून की बरसात शुरू कहां हुई है और यह हाल हो चुके हैं. जब लगातार बरसात होगी तो हम सभी का जीवन नर्क से कम नहीं होगा. हम भी इंसान है.
– विकास गाड़ेकर
एक-दो नहीं सैकड़ों बार झोन और निगम में शिकायत और आवेदन दिए है लेकिन कोई भी अधिकारी या नेता इस बस्ती की तरफ नहीं आता. न ही विकास की बात की जाती है.
– अनिता सिरसाट
अंदर नहीं कर सकते निर्माण
मैं जब पार्षद नहीं था. तब से मैं इस बस्ती के विकास के लिए प्रयास करता आ रहा हूं. क्षेत्र के बाहर एक पक्की सड़क बनाई गई है लेकिन अंदर कोई भी निर्माण हम नहीं कर सकते क्योंकि यहां जमीन किसी संस्था की है और अब तक न्यायालय से कोई डिसीजन नहीं हुआ.
– राजीव जैन, पार्षद

Next Post

विकास के नाम पर मध्यप्रदेश ने बेंच दिए चित्रकूट के दो घाट

Fri Jul 18 , 2025
डा संजय पयासी सतना:वर्षों से विकास के नाम पर उपेक्षित वनवासी मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम की तपोस्थल चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने का सपना दिखाकर राज्य सरकार की एक ऐजन्सी ने मध्यप्रदेश सीमा में आने वाले दो महत्वपूर्ण घाटों को निजी क्षेत्र को पीपी मोड़ में फिलहाल […]

You May Like