नयी दिल्ली, 17 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार आदिवासियों का दमन कर रही है और साजिश के तहत जल, जंगल तथा जमीन पर उनके पुस्तैनी अधिकार को छीनने का काम किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने गुरूवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार आदिवासियों को बेघर करने की साजिश कर रही है और जल, जंगल तथा जमीन से उनके हक को छीनकर उनकी प्राकृतिक संपदा को चंद पूंजीपतियों को सौंपा जा रहा है। तेंदूपत्ता जैसी उनकी परंपरागत अर्थव्यवस्था को खत्म किया जा रहा है और उन्हें बेघर करने की साजिश चल रही है।
श्री गांधी ने कहा “14 जुलाई को कांग्रेस द्वारा आयोजित आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की बैठक में सम्मिलित हुआ जहां उनकी मुख्य समस्याओं और उन पर हो रहे अन्याय के बारे में गहरी चर्चा हुई। मुख्य मुद्दा जल, जंगल, ज़मीन के छीनने और अधिकारों के दमन का है। भाजपा सरकार लगातार प्राकृतिक संपदाओं को कुछ चुने हुए अरबपतियों को बेचे जा रही है – जंगल, जो आदिवासियों के घर, उनकी विरासत हैं, नष्ट किए जा रहे हैं, आदिवासियों को बेघर किया जा रहा है। आदिवासियों की जीविका चलाने वाले वनोपज भी नष्ट हो रहे हैं। तेंदूपत्ता, महुआ जैसी फसलें जिनका आदिवासी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा महत्व है उन्हें खत्म किया जा रहा है – उनके रोज़गार और व्यवसाय की रीढ़ तोड़ी जा रही है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में बने मजबूत पेसा कानून को भी मोदी सरकार कमज़ोर करने की पूरी कोशिश कर रही है। आदिवासी क्षेत्रों की पंचायतों के लिए आवंटित बजट या तो खर्च नहीं होता है या आता ही नहीं है। ये इस समुदाय के खिलाफ़ सोचा-समझा षड्यंत्र है – ताकि वो स्वावलंबी और सशक्त न हों सके और अपने हक़ के लिए आवाज़ न उठा सकें। आदिवासी बच्चों की शिक्षा के खिलाफ भी गहरी साज़िश चल रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर, छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य में 10,000 से ज़्यादा स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि जब आदिवासी बच्चे शिक्षित ही नहीं होंगे तो वो अपने अधिकार, भागीदारी और हिस्सेदारी कैसे पहचानेंगे।
श्री गांधी ने कहा “भाजपा चाहती है कि आदिवासी समाज कमज़ोर हो जाए – उनके जंगल और ज़मीन छीन लिए जाए और कुछ उद्योगपतियों को और अमीर बना दिया जाए। कांग्रेस और मैं आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं – हमने उन्हें शक्ति देने के लिए कई कानून बनाए हैं, अब उनकी रक्षा के लिए ढाल बन कर उनके आगे खड़े रहेंगे।”

