नई दिल्ली 17 जुलाई (वार्ता) संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के बयान “राहुल गांधी जिस तरह से पाकिस्तान की भाषा बोलकर विदेश नीति पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, उससे देश को नुकसान होता है.” रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से पाकिस्तान की भाषा बोलकर विदेश नीति पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, उससे देश को नुकसान होता है. हम उन्हें सलाह देंगे कि विपक्ष के नेता होने के नाते उन्हें देश के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहिए.
इस बयान पर लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप मणिक्कम टैगोर ने पलटवार किया है. टैगोर ने कहा कि प्रधानमंत्री संसद से ऊपर नहीं. विपक्ष चाहता है कि संसद चले. प्रधानमंत्री बोलें और सदन को जवाब दें.टैगोर ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का विपक्ष के नेता पर हमला न सिर्फ अस्वीकार्य है, बल्कि यह दर्शाता है कि मोदी सरकार कितनी घबराई हुई है.
कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू पर पलटवार करते हुए आगे कहा कि राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं, जिसने पाकिस्तान का विभाजन करके बांग्लादेश का निर्माण किया, जो भारत की विदेश नीति के इतिहास में बेजोड़ रणनीतिक सफलता का एक क्षण है.इसलिए कि राहुल कठिन सवाल पूछते हैं, जिनका जवाब देने से प्रधानमंत्री डरते हैं, उन्हें बदनाम करने की हिम्मत मत कीजिए. आप समन्वय की बात करते हैं, मंत्री महोदय, लेकिन आपके शब्दों में अहंकार और असहिष्णुता झलकती है. प्रधानमंत्री संसद से ऊपर नहीं हैं. वे एक गठबंधन सरकार में एक अल्पसंख्यक दल का नेतृत्व करते हैं, जिसे भारत की जनता ने कमजोर कर दिया है.
टैगोर ने कहा विपक्ष चाहती है संसद चले लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप मणिक्कम टैगोर ने आगे कहा विपक्ष के नेता को जवाब देना चाहिए. विपक्ष चाहता है कि संसद चले. हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बोलें और सदन को जवाब दें, न कि पीछे छिपें. जवाबदेही की मांग को “राष्ट्र-विरोधी” बयानबाजी में मत बदलिए. यह लोकतंत्र है – तानाशाही नहीं. अगर मोदी जी संसद का सामना नहीं कर सकते, अगर वे निर्वाचित सांसदों से बात नहीं कर सकते, तो उन्हें खुद से पूछना चाहिए कि असल में भारत के लोकतंत्र को कौन नुकसान पहुंचा रहा है?
संसद जनता की है, किसी एक पार्टी की नहीं.उल्लेखनीय है की 21 जुलाई सोमवार से मानसून सत्र शुरू होने वाला है उससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप मणिकम टैगोर के बीच बयानबाजी से मानसून सत्र हंगामेदार रहने वाला है।

