
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर अप्रत्याशित करवट लेने जा रहा है। तेज गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को जहां अगले कुछ दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं यह राहत आंधी और बारिश के रूप में नई चुनौतियां भी लेकर आ सकती है। मौसम विभाग ने 27 से 29 मार्च के बीच कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है।
दरअसल, फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है और गुरुवार तक लू जैसे हालात बने रहने की संभावना जताई गई है। नर्मदापुरम में हाल ही में पारा 38.8 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, खंडवा, खरगोन और रायसेन जैसे जिलों में भी तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल किया है। बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान 35 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
हालांकि, इस तपिश के बीच मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही वातावरण में नमी बढ़ेगी और बादलों की आवाजाही तेज हो जाएगी। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, जहां कहीं-कहीं आंधी के साथ मध्यम बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
मार्च के महीने में यह तीसरा मौका होगा जब प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला देखने को मिलेगा। इससे पहले आए दौर में लगातार चार दिनों तक बारिश हुई थी, जिसमें 45 से अधिक जिलों में पानी गिरा और 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई थी। उस दौरान गेहूं, पपीता और केले जैसी फसलों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
ऐसे में एक बार फिर बदलता मौसम किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकता है, जबकि आम लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत जरूर मिलेगी।
