ग्वालियर: ग्वालियर व्यापार मेले के इतिहास में पहली बार ब्लैक में दुकानें बेचने वाले तीन व्यापारियों- ज्ञानचंद गर्ग, अशोक कुमार गुप्ता और श्रीमती कमलेश शर्मा को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इस वर्ष इन तीनों को कोई दुकान आवंटित नहीं की गई है। आरोप है कि इन्होंने आवंटित दुकानें कई गुना अधिक किराया लेकर संजय गोयल, सुंदर यादव और मुनेश गौड़ को दे दी थीं।
यह पूरा खेल पिछले साल आगजनी के बाद मुआवजे की प्रक्रिया के दौरान उजागर हुआ। लंबे समय से ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन सबूत नहीं मिल पा रहे थे। छापों के दौरान भी कई व्यापारी खुद को कर्मचारी बताकर बचते रहे। आगजनी में नुकसान झेलने वाले किरायेदार जब बीमे का दावा करने पहुंचे, तो पता चला कि दुकानें उनके नाम पर थीं ही नहीं।
इसके बाद उन्होंने शपथपत्र देकर सच स्वीकार किया। अब तक मेले के लिए 1277 आवेदन मिल चुके हैं। आवेदन 21 नवंबर तक जारी रहेंगे। मेला प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि आगे कोई भी दुकान ब्लैक में देता पकड़ा गया तो उसे पाँच साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और प्रति दुकान एक लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा
