बेंगलुरु 10 जुलाई (वार्ता) कर्नाटक उच्च न्यायालय कथित मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) घोटाला मामले में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की याचिका पर आगामी सितंबर में सुनवाई करेगा।
श्री सिद्दारमैया ने अपनी याचिका में एकल न्यायाधीश की पीठ के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें जांच और अभियोजन के लिए राज्यपाल की मंज़ूरी को बरकरार रखा गया था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी एम कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सी एम जोशी की पीठ ने आज अपीलों में तामील न किए गए प्रतिवादियों को फिर से नोटिस जारी किए और संबंधित मामलों को सितंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
इससे पहले पिछले वर्ष 24 सितंबर को एकल न्यायाधीश की पीठ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 218 के तहत राज्यपाल की मंज़ूरी को चुनौती देने वाली सिद्दारमैया की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि शिकायतकर्ताओं का ऐसी मंजूरी मांगना उचित था। न्यायालय ने कहा था कि राज्यपाल असाधारण परिस्थितियों में मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह के बिना स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं।
