सिवनी : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी आज बुधवार को हड़ताल पर हैं। जिसका असर सिवनी में भी देखने को मिला उपभोक्ता जब बैंकिंग कार्य के लिए वे सरकारी बैंक पहुंचे तो यहां हड़ताल के चलते उनका कोई काम नहीं हुआ बैंकों में लेनदेन तक रहा वहीं अन्य विभाग के कर्मचारी भी अपनी विभिन्न मांगों के लेकर हड़ताल पर रहे जिसका खासा असर सिवनी में देखने को मिला।
बुधवार को उपभोक्ता नगर के बैंक आफ इंडिया, एसबीआई बैंक, केनरा बैंक सहित अनेक सरकारी बैंकों में पहुंचे तो उपभोक्ताओं के आज कोई काम नहीं हुए। बैंक, बीमा, डाक, कोयला खनन, हाईवे, निर्माण, और कई राज्यों में, सरकारी परिवहन जैसी अहम सेवाएं प्रभावित हुई। 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों के देशभर में 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल रहे।
ट्रेड यूनियंस निजीकरण और 4 नए लेबर कोड्स के विरोध में हैं। ये केंद्र की उन नीतियों का विरोध कर रही हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानती हैं।सरकार की नीतियों पर सवाल – भारत बंद कर रहे संगठनों ने पिछले साल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को 17-सूत्रीय मांगों का एक चार्टर सौंपा था। इनका कहना है कि सरकार पिछले 10 वर्षों से वार्षिक श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं कर रही है। यह मजदूरों-कर्मचारियों के हितों के खिलाफ फैसले ले रही है।
