टैंकर हटाने को लेकर हुआ था विवाद
सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज
इंदौर:पानी टैंकर विवाद में निगम नेता प्रतिपक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. मेडिकल रिपोर्ट के बाद नेता प्रतिपक्ष को जेल भेज दिया. बताया जाता है कि नेता प्रतिपक्ष घटना स्थल पर नहीं थे.मामला कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे से जुड़ा हुआ है. चौकसे के घर के पास विधायक रमेश मेंदोला के समर्थक कपिल पाठक के यहां निगम पानी टैंकर खड़ा हुआ था. चौकसे के भतीजे ने टैंकर हटाने का कहा और विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों तरफ से लोहे की रॉड और हथियार निकल आए और एक दूसरे पर हमला कर दिया.
इस दौरान चौकसे मौके पर नहीं थे और वे साथी पार्षद राजू भदौरिया के साथ शादी में गए हुए थे. हमले को लेकर पाठक हीरा नगर थाने एफआईआर करने पहुंच गए. चिंटू चौकसे भी थाने पहुंचे थे. पुलिस ने उनके चिंटू चौकसे और बेटे ईशान सहित 7 लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास की धारा में प्रकरण दर्ज कर लिया. इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चौकसे को गिरफ्तार कर लिया. छुट्टी के दिन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. इस मामले में पुलिस कारवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सवाल उठाएं। साथ ही पुलिस द्वारा द्वेषतापूर्ण कार्रवाई करने पर कहा कि एक एमआईसी सदस्य को आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया.
पुलिस पर सज्जन वर्मा का तंज
घटना को लेकर कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री सज्जन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दिया. वर्मा ने पुलिस कार्रवाई को द्वेषता पूर्ण कार्रवाई बताया और कहा कि बिना जांच के एफआईआर दर्ज कर ली. छुट्टी के दिन कोर्ट खुलवा कर जेल भेजने का दबाव बनाया. वर्मा ने पुलिस पर तंज कसा कि भाजपा पार्षद कालरा के घर पर हमला करने वाले एमआईसी सदस्य पर हाथोहाथ प्रकरण दर्ज नहीं किया? बच्चे को निर्वस्त्र करने का वीडियो सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई. उसमें भी आज तक गिरफ्तारी नहीं की है. दूसरी ओर निर्दोष व्यक्ति पर सत्ता का लाभ उठाकर दबाव में कारवाई करना अनुचित है
