जबलपुर: हाईकोर्ट ने अनुविभागीय अधिकारी मऊगंज बीपी पाण्डेय, सीईओ जनपद पंचायत मऊगंज राम कुशल मिश्रा और बीआरसीसी शिव कुमार रजक के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिये। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री को तीनों अधिकारियों के खिलाफ पृथक से अवमानना याचिका दाखिल करने के निर्देश दिये है। पूर्व आदेश के पालन में बुधवार को तीनों अधिकारी हाजिर हुए और कोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांगी।
दरअसल हाईकोर्ट ने पूर्व में दायर एक याचिका पर निर्देश दिए थे नए सिरे से तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच करें। इसमें स्व सहायता समूह को सुनवाई का अवसर भी प्रदान करें। अधिकारियों के जवाब का अवलोकन करने पर कोर्ट ने पाया कि उन्होंने पहले के दस्तावेज पेश कर दिए हैं। हलफनामा में तीन सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट भी संलग्न नहीं है।
रीवा के मऊगंज की अंजू स्व सहायता समूह खुटहा ने एसडीओं के उस आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें याचिकाकर्ता का मध्यान्ह भोजन आपूर्ति का ठेका निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि पॉलिसी के अनुसार एसडीओं की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी नए सिरे से जांच करे और नए सिरे से आदेश जारी करें। ऐसा नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने दोबारा याचिका दायर की थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
