ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह करने की ट्रंप की टिप्पणी ‘मूर्खतापूर्ण’ : खामेनेई

तेहरान, 21 अक्टूबर (वार्ता) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी को मूखर्तापूर्ण बताया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।

श्री खामेनेई ने तेहरान में खेल एवं विज्ञान जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी को ‘मूर्खतापूर्ण’ बताया और कहा कि यह 12 दिनों के युद्ध में अप्रत्याशित हार के बाद निराश इज़राइली अधिकारियों को सांत्वना देने के लिए कही गई बकवास है। उन्होंने कहा , ” ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। अमेरिका यह तय करने की स्थिति में नहीं है कि किन देशों के पास परमाणु क्षमता होनी चाहिए और किनके पास नहीं होनी चाहिए।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ़्ते यरुशलम की अपनी यात्रा के दौरान इजरायली हमले की सराहना करते हुए कहा, “हमने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर 14 बम गिराए, जिनकी पुष्टि हो चुकी है कि वे प्रतिष्ठान नष्ट हो गए। साथ मिलकर हमने दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद समर्थक देश को परमाणु हथियार बनाने से रोकने में मदद की।” उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया होता तो गाजा समझौते पर काले बादल छा जाते।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने इसके जवाब में कहा, “उन्होंने (इजरायल और अमेरिका) कभी नहीं सोचा था कि युवा ईरानियों के हाथों से बनाई गई मिसाइल उनके रणनीतिक केंद्रों के कुछ हिस्सों को राख में बदल सकती है, लेकिन ऐसा हुआ। ये मिसाइलें हमारी हैं, हमारे युवाओं द्वारा बनाई गई हैं, किसी से उधार या खरीदी नहीं गई हैं। ज़रूरत पड़ने पर फिर से इस्तेमाल किए जाएँगे।”

श्री खामेनेई ने आरोप लगाया कि पश्चिमी नेता और मीडिया ईरान की उपलब्धियों पर पर्दा डालकर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं। उन्होंने कहा, “वे हमारी कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं और हमारी उपलब्धियों को छिपाते हैं। वे हमारे युवाओं को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि ईरान अंधकारमय और गतिहीन है, लेकिन खेल, विज्ञान या तकनीक में हर सफलता इसके विपरीत साबित होती है।”

ईरानी नेता ने आरोप लगाया कि अमेरिका गाजा पट्टी में किये गये नरसंहार में प्रमुख भागीदार था, क्योंकि वह इजरायली सेना को हथियार, रसद और अन्य सामग्रियां मुहैया करवा रहा था। उन्होंने पूछा, “वे कहते हैं कि वे आतंकवाद से लड़ते हैं। इन हमलों में 20,000 से ज़्यादा बच्चे और शिशु मारे गए। क्या वे आतंकवादी थे?”

श्री खामेनेई ने अमेरिका को ही क्षेत्र में आतंकवाद का उत्पादक बताते हुए कहा, “आपने आईआईएस को पैदा किया और इसे बाद में इस्तेमाल करने के लिए एक हथियार के रूप में रखा है।”

 

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