जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस संजय द्विवेदी ने कहा कि माता-पिता द्वारा सिखाए गए जीवन-मूल्य और मार्गदर्शन के कारण ही जीवन में प्रगति कर पाया हूं। न्यायमूर्ति दीपक वर्मा ने मेरे मेंटर की भूमिका निभाई। उनके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता एनएस काले और जस्टिस जेके माहेश्वरी का समय-समय पर अमूल्य दिशा-दर्शन मिला। वे अपने सम्मान में हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट जज के रूप में अपना सर्वोत्तम देने का हर संभव प्रयास किया। बिना किसी पूर्वाग्रह के भेदभाव रहित न्यायदान प्रक्रिया को गति दी। मैंने बार को जितना दिया, उससे अधिक प्रतिध्वनित होकर मुझे वापस मिला। इस अवसर पर हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि सेवानिवृत्त हुए जस्टिस संजय द्विवेदी ने 2018 से लेकर 2025 तक के अपने समग्र कार्यकाल में 32 हजार से अधिक आदेश पारित किए।
न्यायदान के समानांतर हाईकोर्ट की प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में भी उनकी महनीय भूमिका सराहनीय रूप में परिलक्षित हुई। जिससे स्पष्ट है कि हाईकोर्ट से एक अच्छे न्यायमूर्ति की विदाई हो रही है। विदाई समारोह में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, स्टेट बार चेयरमैन राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट बार अध्यक्ष धन्य कुमार जैन, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता संजय अग्रवाल, सीनियर एडवोकेट्स काउंसिल की अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन ने जस्टिस द्विवेदी का व्यक्तित्व-कृतित्व रेखांकित किया।
