राशन दुकानों के निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती

जबलपुर। छतरपुर जिले के बिजावर स्थित प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडार बिजावर द्वारा संचालित दो सरकारी उचित मूल्य (राशन) दुकानों के निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में मप्र शासन के खाद्य विभाग सहित कलेक्टर छतरपुर व अन्य को नोटिस जारी का जवाब तलब किया है।

याचिकाकर्ता समिति की ओर से अधिवक्ता प्रशांत अवस्थी, असीम त्रिवेदी, आनंद शुक्ला ने पक्ष रखा। जिन्होंने तर्क दिया कि निलंबन प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है, क्योंकि नोटिस सिर्फ दुकान के कर्मचारी (सेल्समैन) को जारी किया गया, जबकि निलंबन आदेश दुकान की लाइसेंसधारी और संचालक संस्था यानी सहकारी समिति के खिलाफ लागू किया गया। आवेदकों की ओर से कहा गया कि उपखंड अधिकारी (राजस्व) बिजावर ने दोनों दुकानों के सेल्समैन को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस में खाद्यान्न, चीनी, नमक आदि के वितरण में अनियमित्ताएं सामग्री का दुरुपयोग और रिकॉर्ड न रखने के आरोप लगाए गए थे। सेल्समैन ने अपना जवाब दिया, किन्तु उपखंड अधिकारी ने आदेश पारित कर दुकान को निलंबित कर दिया और दूसरी दुकान का अटैचमेंट समाप्त करते हुए उसे अन्य दुकानों से जोड़ दिया। इतना ही नहीं राशि वसूली के भी निर्देश दिए गए। मामले में कहा गया कि आरोपों के लिए नोटिस सिर्फ कर्मचारी (सेल्समैन) को दिया गया, जबकि निलंबन का दंड दुकान की संचालक संस्था पर लगाया गया। समिति को कोई नोटिस या सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

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