भोपाल, 29 जून (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण में हुई लापरवाही मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग के आठ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार मामले में दो चीफ इंजीनियर (सीई) सहित सात अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। एक सेवानिवृत सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) के खिलाफ विभागीय जांच प्रारंभ की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा कि इस परियोजना में आरओबी का त्रुटिपूर्ण डिजाईन प्रस्तुत करने पर निर्माण एजेंसी एवं डिजाईन कंसल्टेंट, दोनों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। आरओबी में आवश्यक सुधार के लिए एक कमेटी बनाई गयी है। सुधार के बाद ही इस आरओबी का लोकार्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने तीन दिन पहले इस मामले में कहा था कि टेक्निकल फॉल्ट के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी और इस फॉल्ट को दूर करने के बाद ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि ऐशबाग आरओबी के निर्माण कार्य में हुए टेक्निकल फॉल्ट को दुरुस्त किया जाएगा। टेक्निकल फॉल्ट के जिम्मेदार लोगों को चिन्हांकित कर कार्रवाई की जाएगी। टेक्निकल फॉल्ट को दुरुस्त करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। टेक्निकल फॉल्ट दूर करने के बाद ही आरओबी का लोकार्पण किया जाएगा।
ये आरओबी पिछले दिनों उस समय चर्चाओं में आया जब पूरा तैयार होने के बाद इस पर 90 डिग्री के कोण वाला मोड़ दिखाई दिया। इसके बाद से सोशल मीडिया पर इस आरओबी के वीडियो जम कर वायरल हुए और लोगों ने इसे हादसों को न्यौता देने वाला बताया। इसी के चलते इसका लाेकार्पण भी नहीं हुआ।
ये आरओबी राजधानी भोपाल के भीड़ भरे क्षेत्र ऐशबाग में बनाया गया है। दावा किया गया था कि इस आरओबी के बनने से इस क्षेत्र पर यातायात का दबाव कम होगा, लेकिन अब इसका लोकार्पण अभी टल गया है।
