नई दिल्ली, 31 दिसंबर, 2025: साल 2025 के अंतिम दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में सोने के भाव लगभग 1% गिरकर 1,35,644 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए, जबकि चांदी की कीमतों में 6% से भी अधिक की बड़ी गिरावट देखी गई। चांदी का मार्च फ्यूचर्स टूटकर 2,35,373 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि साल भर रही रिकॉर्ड तेजी के बाद व्यापारियों द्वारा की गई ‘प्रॉफिट बुकिंग’ यानी मुनाफावसूली इस अचानक आई गिरावट का मुख्य कारण है।
दिसंबर के इस उतार-चढ़ाव के बावजूद, पूरा साल निवेशकों के लिए शानदार रहा है। घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतों में इस वर्ष 76% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं चांदी के दाम लगभग 170% तक उछल गए। इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं प्रमुख कारण रहे। चांदी की मांग में औद्योगिक क्षेत्र से आई मजबूती और सीमित आपूर्ति ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था, जिसमें अब थकान के संकेत मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी का रुख रहा, जहां अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1% गिरकर 4,345 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर अनिश्चितता ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। 27-28 जनवरी को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है, क्योंकि ऊंचे स्तरों पर खरीदारों की दिलचस्पी थोड़ी कम होती दिख रही है।

