कैनबरा, 27 जून (शिन्हुआ) ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ऑनलाइन सुरक्षा आयुक्त जूली इनमैन ग्रांट ने आज बच्चों की एआई के जरियें बनायी जाने वाली अंतरंग छवियों में वृद्धि पर चेतावनी जारी की।
संघीय सरकार के ई-सुरक्षा आयुक्त के कार्यालय ने आज कहा कि पिछले 18 महीनों में उसे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की डिजिटल रूप से संशोधित अंतरंग छवियों के बारे में पिछले सात वर्षों की तुलना में दोगुनी रिपोर्ट मिली हैं। इनमें ‘डीपफेक’ भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 18 महीने की अवधि में रिपोर्ट की गई 80% घटनाओं में महिलाओं को निशाना बनाया गया।
ई-सुरक्षा आयुक्त सुश्री ग्रांट ने कहा कि घटनाओं की वास्तविक संख्या संभवतः अधिकारियों को आधिकारिक तौर पर बताई गई संख्या से अधिक है। उन्होंने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने स्कूल के प्रबंधकों और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों से सुना है कि डीपफेक घटनाएँ काफी अधिक हो रही हैं। खासकर उस समय जब बच्चे अंतरंग छवियाँ बनाने वाले एआई ऐप तक ‘आसानी से’ पहुँच सकते हैं और उनका दुरुपयोग कर सकते हैं।
एजेंसी ने स्कूलों के लिए डीपफेक घटनाओं से निपटने के लिए एक चरणबद्ध मार्गदर्शिका जारी की है। सुश्री ग्रांट ने राज्य और क्षेत्र के शिक्षा मंत्रियों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि स्कूल बाल संरक्षण कानूनों और रिपोर्टिंग दायित्वों का पालन करें।
सुश्री ग्रांट ने कहा ‘18 वर्ष से कम उम्र के किसी व्यक्ति की अंतरंग छवि बनाना अवैध है। इसमें एआई उपकरणों का उपयोग शामिल है। माता-पिता और बच्चों की देखभाल करने वाले लोग बच्चों को यह समझाने में मदद कर सकते हैं कि उनके इस व्यवहार से उनके किसी अपराध में संलिप्त होने का खतरा है।’
गौरतलब है कि ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नए ऑस्ट्रेलियाई अनिवार्य मानक एक जुलाई से लागू होंगे। इसके तहत ऐप सहित उच्च जोखिम वाले एआई उपकरणों के लिए काफी कड़े सुरक्षा उपायों को लागू करना आवश्यक है जिससे बाल शोषण जैसे दुरुपयोग को रोका जा सकता है। इसके तहत ऐप के डेवलपर्स और उन्हें होस्ट करने वाले प्लेटफ़ॉर्म को मानकों के गंभीर उल्लंघन के लिए 3.24 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरना होगा।
