
जबलपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर और सपोर्टिंग स्टाफ वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। अब कर्मचारियों को कर्जा लेकर घर चलाना पड़ रहा है क्योंकि ठेकेदार द्वारा बीते 2 माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जबलपुर जिले में करीब 85 कंप्यूटर ऑपरेटर और करीब 70 का सपेार्टिंग स्टाफ कार्यरत है जिन्हें औसतन 11 से 15 हजार के बीच का वेतन हर माह भुगतान किया जाता है। लेकिन बीते 2 माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। विदित हो कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान की मांग को लेकर कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी आवाज बुलंद की थी। अभी आलम ये है कि कर्मचारियों का समूह आए-दिन सीएमएचओ कार्यालय के चक्कर काटने मजबूर हो गया है। कर्मचारियों को भ्रम है कि उनका वेतन सीएमएचओ कार्यालय से ही मिलेगा।
ग्वालियर की कंपनी को मिली थी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार ग्वालियर की प्रकाश सिक्योरिटी प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के किसी मिश्रा ठेकेदार को करीब 3 माह पहले जिले में स्वास्थ्य विभाग के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य सपोर्टिंग स्टाफ उपलब्ध कराने का ठेका दिया गया था। जिसके द्वारा बीते 2 माह से कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया गया है। विदित हो कि इसके पहले जबलपुर की ही एक कंपनी को इसकी जिम्मेदारी मिली थी।
इनका कहना है:
कर्मचारियों को वेतन दिलाने के लिए हम पिछले 15 दिनों से लगातार प्रयासरत हैं। कलेक्टर से वेतन भुगतान का अनुमोदन लेने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। करीब 3 माह पहले ग्वालियर की एक कंपनी को कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी क्योंकि जबलपुर की एक कंपनी का टेंडर खत्म हो चुका था। ठेकेदार को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया जा चुका है।
डॉ. संजय मिश्रा, सीएमएचओ जबलपुर।
