चरवाहों की 40 बकरियां छीन ले गए नकाबपोश

सतना: जिले के मझगवां पिण्डरा क्षेत्र से सटे जंगलों से लेकर मारकुण्डी के डोडामाफी के जंगल में सक्रिय बदमाशों ने एक बार फिर से चरवाहों को निशाना बनाना शुरु कर दिया है. इसी कड़ी में डोडामाफी के जंगल में नकाबपोश बदमाश, चरवाहों के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बनाते हुए उनकी 40 बकरियां लूट कर ले गए.प्राप्त जानकारी के अनुसार मारकुण्डी उप्र के डोडामाफी निवासी 65 वर्षीय वृद्ध रामप्रकाश यादव और श्याम सुंदर यादव 50 वर्ष अपनी 40 बकरियों को लेकर सुसाइटी कॉलोनी के ऊपर वाले जंगल में चराने के लिए गए थे.

जंगल में बकरियों को चरता देख दोनों चरवाहे लाठी टेक कर वहीं बैठ गए. इसी दौरान 7-8 की संख्या में नकाबपोश बदमाश अचानक वहां आ धमके. देखते ही देखते नकाबपोश बदमाशों ने दोनों चरवाहों को पीटना शुरु कर दिया. बदमाशों ने चरवाहों के साथ इस कदर मारपीट की दोनों मारणासन्न हो गए. जिसके बाद दोनों चरवाहों को पेड़ से बांधने के बाद बदमाश उनकी सारी बकरियों को हांकते हुए मुरली जंगल की ओर ले गए. शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने दोनों चरवाहों की तलाश शुरु की. जंगल में तलाश करने पर परिजनों ने देखा कि रामप्रकाश और श्याम सुंदर पेड़ से बंधे हुए थे.

उनकी हालत देख परिजनों की आंखों में आंसू आ गए. परिजनों ने दोनों को किसी तरह संभाला और जंगल से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया. गंभीर तौर पर घायल  दोनों परिजनों का उपचार जारी है. उप्र-मप्र के बार्डर पर जंगल में घूमते हुए सक्रिय बदमाशों द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम दिए जाने से दस्यु प्रभावित क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं. गौरतलब है कि पिछले दिनों मप्र के बरुआ और मरिया चुआ गांव में भी रात के अंधेरे में दीवार फंाद कर एक गरीब की बकरियां पार कर दी गई थीं.

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