
रीवा।शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है, ऐसा कोई मार्ग नही जहा जाम न लगता हो. सडक़ पटरी तक एक ओर अस्थाई अतिक्रमण तो दूसरी तरफ सडक़ और चौराहे पर आड़े तिरछे खड़े हो रहे ई-रिक्सा जाम का सबसे बड़ा कारण बन चुके है.
आम राहगीर के साथ यातायात पुलिस के लिये भी ई-रिक्सा सिरदर्द बन चुके है. गौरतलब है कि शहर की सडक़े भले ही चौड़ी हुई है, फ्लाई ओवर बने लेकिन जाम से निजात नही मिल पा रही है, यातायात व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है. शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला व्यंकट मार्ग, अमहिया मार्ग, अस्पताल मार्ग, विश्वविद्यालय मार्ग में ई-रिक्सा की संख्या सबसे ज्यादा है और इसी मार्ग में जाम लगता है. प्रकाश चौराहे के पास ई-रिक्सा खड़े होने से दिन भर जाम की स्थित बनती है. यही हाल जयस्तंभ और अस्पताल चौराहे की है. ई-रिक्सा पर कोई नियंत्रण नही है और न ही कोई रूट निर्धारित किया गया है. जिसकी वजह से चारो तरफ ई-रिक्सा ही नजर आते है. बड़े वाहनो को शहर के मार्ग में दिक्कत होती है, बगैर आवाज करने वाले यह रिक्सा सडक़ दुर्घटना का कारण बनते जा रहे है. अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नही किया गया तो आगे चलकर यातायात के लिये और नुकसान दायक होगे.
