ग्रहों की युति: साल खत्म होने तक बड़ी दुर्घटनाओं की बनी रहेगी आशंका

इंदौर:पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से युद्ध के हालत, और हाल ही में अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों से देश ही नहीं पूरी दुनिया स्तब्ध है. ज्योतिषियों के अनुसार साल खत्म होने तक बड़ी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी.मध्यप्रदेश ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि ग्रहों की युति के अनुसार इस वर्ष में कई बड़ी दुर्घटनाएं होने की संभावना थी जो कि होती दिख रही है.

साल खत्म होने तक बड़ी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी. मंगल और राहु की युति जून-जुलाई में औद्योगिक क्षेत्रों में विस्फोट, आग लगने या रासायनिक रिसाव जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ा सकती है. विशेषकर पेट्रोलियम, गैस या फैक्ट्री सेक्टर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है. वर्ष की मध्य और अंतिम तिमाही में केतु और मंगल की युति और शनि की दृष्टि से यह संकेत मिल रहे हैं कि देश के कुछ हिस्सों में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं. हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पूर्व भारत और तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता होगी.
सड़क दुर्घटनाओं व भगदड़ की घटनाएं भी
ग्रहों की चाल विशेष रूप से मंगल-शनि की युति अगस्त-सितंबर के दौरान बड़े रेल हादसे, हवाई जहाज की तकनीकी गड़बड़ी या सड़क दुर्घटनाओं की आशंका दिखा रही है. यात्रा करते समय सावधानी और सरकारी सतर्कता इस दौरान अत्यंत आवश्यक होगी. राहु और चंद्रमा की स्थिति विशेष आयोजनों, रैलियों या धार्मिक स्थलों पर अव्यवस्था या भगदड़ जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है.
पड़ोसी देशों से तनाव
सूर्य युद्ध और वीरता का कारक भी है. इसके प्रभाव से देश को सीमा विवाद या सैन्य तनाव झेलने पड़ सकते हैं. विशेषकर गर्मी के महीनों में कोई बड़ी सैन्य हलचल या विवाद संभव है. जिस वर्ष सूर्य ही राजा और सूर्य ही मंत्री होता है, तो सत्ता पक्ष में आंतरिक झगड़े, जनता से टकराव, या नीतियों पर अत्यधिक आलोचना देखने को मिल सकती है. जब वही राजा और मंत्री हो तो राजसत्ता, अहंकार और अनुशासन का प्रतीक है. सरकारें ज्यादा कठोर और नियंत्रणकारी रुख अपना सकती हैं. जनता की स्वतंत्रता में कमी, अधिनायकवादी निर्णय, और असंतोष की स्थिति बन सकती है.

Next Post

स्टोन क्रेशर हड़ताल: निर्माण कार्य ठप, व्यापारी नहीं आने दे रहे शहर में गिट्टी, रात भर कर रहे निगरानी

Sun Jun 15 , 2025
इंदौर:मध्यप्रदेश में सेटेलाइट आधारित खनन निगरानी प्रणाली के विरोध में स्टोन क्रेशर संचालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इससे निर्माण कार्य ठप हो गए हैं और मजदूर पलायन कर रहे हैं. संचालकों ने तकनीकी खामियों और आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए इस निर्णय को गलत बताया है. […]

You May Like