जबलपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से जूनियर डॉक्टर ने गुरूवार को छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस के साथ डीन द्वाना बनाई गई कमेटी ने जांच पड़ताल तेज कर दी हैं। पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान लिए जिस पर सीनियर्स डॉक्टरों द्वारा रैगिंग किए जाने की बात सामने आई।
परिजनों ने तीन सीनियर छात्रों के नाम भी पुलिस को बताये जिस पर पुलिस ने मेडिकल डीन नवनीत सक्सेना से पत्राचार किया हैं। साथ ही तीनों छात्रों को थाने तलब किया गया जिनसे पुलिस पूछताछ की तैयारी में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्यवाही होगी।विदित हो कि मूलत: रीवा निवासी शिवांश गुप्ता पिता संतोष दुबे 20 वर्ष मेडिकल कॉलेज में फस्र्ट ईयर का स्टूडेंट था। हॉस्टल नंबर चार में रह रहा था। पांच जून का दोपहर करीब 12 बजे उसने हॉस्टल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी इलाज के दौरान दोपहर 2:15 बजे उसकी मौत हो गई थी।
इन छात्रों के बताये है नाम
परिजनों का आरोप है कि शिवांश ने नई बाइक खरीदीं थी जिस पर सीनियर रैंगिंग कर उसे परेशान करते थे। घटना के एक दिन पहले तो उसे रातभर रोककर राखा था। ये बात उसने अपनी मां को भी बताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि शिवांश के तीन साथी मयंक, युवी सिंह, जाहिर हुसैन को सब पता है अगर इनसे पूछताछ हो जाए और उनके मोबाइलों को जब्त कर जांच कराई जाएं तो पूरा मामला साफ हो जायेगा।
कमेटी को एक सप्ताह में सौंपनी है रिपोर्ट
रैगिंग के आरोप और जूनियर छात्रा द्वारा सुसाइड किए जाने का मामला गरमाया हुआ है। मामले की जांच के लिए मेडिकल डीन नवनीत सक्सेना ने भी जांच कमेटी बनाई जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी हैं। जिसमें जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या किन कारणों से की है रैङ्क्षगग के आरेाप समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच होनी है।
जल्द होगे बयान दर्ज
पुलिस मामले की जांच मेंं जुट गई है। पुलिस मृतक छात्र के परिजनों, सहपाठी व मेडिकल प्रबंधन से जल्द ही पूछताछ कर उनके बयान दर्ज करेगी।
