भूटान और अडानी समूह के बीच 5000 मेगावाट जलविद्युत विकास के लिए समझौता

थिम्पू/नई दिल्ली, (वार्ता) भूटान सरकार और अडानी समूह ने देश की जलविद्युत क्षमता को प्रोत्साहन देने और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से 5000 मेगावाट की जलविद्युत और पंप स्टोरेज परियोजनाओं के संयुक्त विकास के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह साझेदारी भूटान के वर्ष 2040 नवीकरणीय ऊर्जा रोडमैप के अनुरूप है और भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग को और सुदृढ़ करती है। इस समझौते पर ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (डीजीपीसी) के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन और अडानी ग्रीन हाइड्रो लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (पीएसपी और हाइड्रो) नरेश तेलगु ने थिम्पू में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे, ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह साझेदारी पहले से प्रगति पर चल रही 570/900 मेगावाट वांगचू जलविद्युत परियोजना पर आधारित है, जिसमें डीजीपीसी की 51 प्रतिशत और अडानी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा अब 5000 मेगावाट की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नई साइटों की पहचान, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की तैयारी और चरणबद्ध कार्यान्वयन किया जाएगा।

अडानी ग्रीन हाइड्रो के सीओओ नरेश तेलगु ने कहा, “यह साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना विकसित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी। डीजीपीसी के साथ मिलकर हम भूटान को अपनी जलविद्युत क्षमता का लाभ उठाने और भारत को विश्वसनीय हरित ऊर्जा निर्यात करने में मदद कर रहे हैं।”

डीजीपीसी के एमडी दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, “अडानी के साथ यह सहयोग भारत सरकार के साथ हमारे गहरे और स्थायी जुड़ाव को और मजबूत करता है। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण और अनुकरणीय संबंधों की पुष्टि करता है।”

डीजीपीसी भूटान की अग्रणी जलविद्युत कंपनी के रूप में देश की नवीकरणीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने में एक अहम भूमिका निभा रही है। वहीं, अडानी समूह अपनी परियोजना विकास, वित्तपोषण और ऊर्जा बाजार तक पहुंच की विशेषज्ञता के साथ भूटान को विश्वसनीय ऊर्जा उत्पादक बनने में सहायता करेगा।

इस सहयोग के तहत अडानी भारत के बिजली बाजारों में ऊर्जा आपूर्ति और एकीकरण सुनिश्चित करेगा, जिससे भूटान की क्षेत्रीय ऊर्जा व्यापार में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। यह भागीदारी दोनों देशों की सरकारों के साझा दृष्टिकोण को भी दर्शाती है, जो स्वच्छ ऊर्जा विकास और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को प्राथमिकता देता है। इसके अलावा डीजीपीसी और अडानी ने वांगछू परियोजना के लिए शेयरधारकों के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जो इस रणनीतिक साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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