लता रजनीकांत और रजनीकांत की अनोखी प्रेम कहानी चर्चा में है। 1979 में एक इंटरव्यू के दौरान हुई पहली मुलाकात में ही रजनीकांत ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज कर दिया था।
साउथ सिनेमा के ‘थलाइवा’ यानी रजनीकांत की प्रोफेशनल लाइफ जितनी शानदार रही है, उनकी लव स्टोरी भी उतनी ही दिलचस्प है। 2 मार्च को लता रजनीकांत अपना 67वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर आइए जानते हैं उस अनोखी प्रेम कहानी के बारे में, जिसकी शुरुआत एक इंटरव्यू से हुई और जो शादी तक जा पहुंची।
साल 1979 में रजनीकांत तमिल फिल्म ठिल्ली मुल्लू की शूटिंग कर रहे थे, जो हिंदी फिल्म गोल माल की रीमेक थी। उसी दौरान लता रंगाचारी अपने कॉलेज मैगजीन के लिए उनका इंटरव्यू लेने पहुंचीं। लता उस समय चेन्नई के एथिराज कॉलेज की छात्रा थीं। जैसे ही रजनीकांत ने उन्हें देखा, वे पहली ही नजर में अपना दिल हार बैठे। महज 15 मिनट की बातचीत में उन्हें यह एहसास हो गया कि यही वह लड़की है, जिससे वे शादी करना चाहते हैं।
बेंगलुरु कनेक्शन ने बढ़ाई नजदीकियां
इंटरव्यू के दौरान दोनों के बीच बेंगलुरु कनेक्शन सामने आया। फिल्मों में आने से पहले रजनीकांत बेंगलुरु ट्रांसपोर्ट सर्विस में बस कंडक्टर की नौकरी कर चुके थे, जबकि लता का परिवार भी बेंगलुरु से जुड़ा था। इस शेयर कनेक्शन ने बातचीत को सहज और खास बना दिया। इंटरव्यू खत्म होते ही रजनीकांत ने बिना देर किए लता से पूछ लिया कि क्या आप मुझसे शादी करेंगी? यह सुनकर लता हैरान रह गईं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इस बारे में उन्हें अपने माता-पिता से बात करनी होगी।
परिवार की रजामंदी और शादी
प्रपोज करने के बाद रजनीकांत काफी नर्वस थे। उन्हें चिंता थी कि कहीं लता के माता-पिता इस रिश्ते के लिए मना न कर दें। हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। आखिरकार 26 फरवरी 1981 को रजनीकांत और लता शादी के बंधन में बंध गए। आज उनकी जोड़ी साउथ इंडस्ट्री की सबसे प्रेरणादायक जोड़ियों में गिनी जाती है। लता रजनीकांत न सिर्फ एक सफल फिल्म निर्माता और पार्श्व गायिका हैं, बल्कि रजनीकांत की जिंदगी की मजबूत साथी भी हैं। उनकी प्रेम कहानी इस बात का सबूत है कि सच्चा प्यार कभी भी, कहीं भी और किसी भी रूप में मिल सकता है।
