यूथ कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं  ने किया यातायात थाने का घेराव

सतना : यातायात पुलिस की लगातार अनियमिताओं, मनमाना चालान, रिश्वतखोरी और आम जन के साथ दुव्र्यवहार के बढ़ते मामलों ने भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं को आक्रोशित कर दिया. कार्यकत्र्ताओं ने थाने का घेराव व विरोध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की. इसी कड़ी में ज्ञापन सौंपते हुए यह चेतावनी भी दी गई कि यदि पखवाड़े भर में कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो आगे और व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष वरुण गुजर ने जानकारी देते हुए बताया कि यातयात पुलिस की मनमानी कार्यशैली और गंभीर अनियमितताओं के चलते आमजन को हो रही परेशानी के चलते ध्यान आकर्षित करने के लिए कार्यकत्र्ताओं द्वारा थाने का घेराव किया गया. यूथ कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक कार्यकत्र्ता और पदाधिकारी रविवार को यातायात थाने पहुंच गए और सडक़ किनारे बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया.

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्र्ताओं का कहना था कि एक ओर जहां पुलिसकर्मियों द्वारा स्वयं ही बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट के और कभी-कभी रांग साइड से वाहन चलाते देखे जाते हैं. लेकिन वहीं दूसरी ओर इन्हीं नियमों का पालन कराने के नाम पर पुलिस कर्मियों द्वारा आमजन के साथ गाली-गलौच-धमकी और अभद्र व्यवहार किया जाता है. पुलिस कर्मियों का जहां भी मन पड़ा वहीं पर खड़े होकर वाहनों की जांच शुरु कर दी जाती है. जहां पर जांच के नाम पर मनमाना चालान काटने के साथ रिश्वत की मांग शुरु कर दी जाती है. कई मामलों में युवा, वृद्ध, महिलाओं को अनावश्यक रुप से परेशान किया जाता है.

पुलिस की इस कार्यशैली की वजह से एक ओर जहां आजन के बीच आक्रोश व्याप्त हो रहा है. वहीं दूसरी ओर इस तरह की अनियमितताएं सुशासन के दावों पर प्रश्रचिन्ह खड़ा करती हैं. कार्यकत्र्ताओं के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यातायात थाने के सूबेदार पंकज शुक्ला पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए और बातचीत शुरु की. इसी कड़ी में सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने भी कार्यकत्र्ताओं से चर्चा कर समझाइस देने का प्रयास किया. कार्यकत्र्ताओं की मांग पर उप अधीक्षक यातायात संजय खरे मौके पर पहुंच गए और कार्यकत्र्तओं से चर्चा कर ज्ञापन लिया. इसी कड़ी में डीएसपी ट्रैफिक द्वारा कार्यकत्र्ताओं की उचित मांगों पर विचार व समुचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया. जिसके बाद कार्यकत्र्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
 क्या रही मांगें
भारतीय यूथ कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं द्वारा पुलिस और यातायात कर्मियों पर लग रहे गंभीर आरोपों की तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराए जाने की मांग की. इसी कड़ी में दोषी यातायात-पुलिस कर्मियों के विरुद्ध निलंबन-बर्खास्तगी जैसी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की गई. इसके अलावा कार्यशैली में सुधार को लेकर बॉडी कैमरा और केवल ई-चालान को अनिवार्य करने की मांग भी की गई. वहीं यह चेतावनी भी दी गई कि यदि पखवाड़े भर के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो वे और व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे.
शहर जाम से त्रस्त, अमला मस्त
यूथ कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं द्वारा लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की तस्दीक यातायात पुलिस की कार्यशैली के जरिए भी की जा सकती है. एक ओर जहां शहर में रीवा रोड, सर्किट हाउस चौक, सेमरिया चौक, कोठी मोड़ तिराहा, जयस्तंभ चौक, कोतवाली तिराहा, स्टेशन रोड, भरहुत मोड़, खेरमाई रोड, बाजार क्षेत्र और अस्पताल रोड जैसे महत्वपूर्ण स्थान दिन भर जाम से प्रभावित होते हैं. वहीं दूसरी ओर यातायात पुलिस का समूचा ध्यान शहर के बाहरी कोनों पर ही लगा रहता है.

शहर के अंदर जाम की समस्या से राहत दिलाने की बात सामने आते ही अमले की कमी का रोना शुरु हो जाता है. आलम यह है कि शहर के अंदर प्रमुख स्थानों पर आधा दर्जन यातायात कर्मी भी दुर्लभ हो चुके हैं. लेकिन सतना नदी पुल के निकट, राम पथ गमन, सोहावल बाईपास, मैहर बाइपास, बगहा बाइपास, सेमरिया रोड, पन्ना रोड, रीवा रोड सहित कुछ अन्य शहर के बाहरी कोनों पर यातायात अमला अपनी फौज के साथ हमेशा मुस्तैद खड़ा नजर आता है. शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था के बजाए शहर के बाहरी मार्गों पर यातायात पुलिस की विशेष रुचि क्यों बनी रहती है, इसे आमजन के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी भी बेहतर समझते होंगे

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