पंकज त्रिपाठी ने खुलासा किया कि उनका असली सरनेम ‘तिवारी’ था, जिसे उन्होंने दसवीं के फॉर्म भरते समय बदलकर ‘त्रिपाठी’ कर लिया। उन्होंने अपने पिता का सरनेम भी बदल दिया।
बॉलीवुड के दमदार अभिनेता पंकज त्रिपाठी आज अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। ‘कालीन भैया’ के नाम से मशहूर हो चुके पंकज ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन उनकी असली जिंदगी से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी कम ही लोग जानते हैं। दरअसल, पंकज त्रिपाठी का असली सरनेम ‘तिवारी’ था, जिसे उन्होंने बाद में बदलकर ‘त्रिपाठी’ कर लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पिता का सरनेम भी बदल दिया था।
पंकज का जन्म बिहार के एक साधारण परिवार में हुआ था। बचपन में उनका नाम पंकज तिवारी था। एक मीडिया इवेंट के दौरान उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया कि उनके गांव में ज्यादातर लोग ‘तिवारी’ सरनेम लगाते थे। केवल दो लोग ऐसे थे जो ‘त्रिपाठी’ लिखते थे एक उनके बाबा और दूसरे उनके चाचा। उन्होंने बताया कि उनके बाबा हिंदी के प्रोफेसर थे और चाचा बिहार सरकार में अधिकारी।
दसवीं के फॉर्म में कर दिया बदलाव
उन्होंने आगे बताया कि बचपन में उनके मन में यह धारणा बन गई कि जो लोग ‘तिवारी’ लिखते हैं, वे पंडिताई या खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि ‘त्रिपाठी’ लिखने वाले पढ़-लिखकर अधिकारी बनते हैं। इसी सोच ने उनके मन में बदलाव का बीज बो दिया। पंकज ने बताया कि जब वे दसवीं का एडमिट कार्ड भर रहे थे, तभी उन्होंने अपने नाम के आगे से ‘तिवारी’ हटाकर ‘त्रिपाठी’ लिख दिया। यह फैसला उन्होंने बिना किसी से सलाह लिए लिया था। उन्हें लगा कि नाम बदलने से उनकी पहचान और भविष्य दोनों बदल सकते हैं।
पिता का सरनेम भी बदला
सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने पिता का सरनेम भी बदल दिया। उन्हें डर था कि अगर उनके नाम के नीचे पिता के नाम में ‘तिवारी’ लिखा रहा, तो कहीं फॉर्म रिजेक्ट न हो जाए। मजाकिया अंदाज में पंकज कहते हैं कि मैं शायद पहला बेटा हूं जिसने अपने पिता का नाम बदल दिया। बाद में जब उनके पिता को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने ज्यादा नाराजगी नहीं जताई। आज पंकज त्रिपाठी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इंडस्ट्री में अलग पहचान बना चुके हैं। नाम बदला जरूर, लेकिन सफलता उनकी काबिलियत और संघर्ष की देन है, जिसने उन्हें इंटरनेशनल स्तर तक पहचान दिलाई।
