भोपाल। शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक, बोर्ड ऑफिस चौराहा, ऑटो चालकों की मनमानी का अड्डा बन गया है। यहां पर ऑटो चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर, सड़क के बीचों बीच अपने वाहन खड़े करके सवारियों को उतारते और बैठाते हुए देखे जा सकते हैं। इस स्थिति के कारण चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।बोर्ड ऑफिस चौराहा, जो कि शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है, हमेशा ही वाहनों और लोगों की आवाजाही से भरा रहता है। यहां पर शिक्षा विभाग का बोर्ड ऑफिस, कई सरकारी कार्यालय, निजी संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। इस कारण से, इस चौराहे पर हमेशा ही बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऑटो रिक्शा, जो कि शहर में सार्वजनिक परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है, यहां पर भी बड़ी संख्या में चलते हैं। लेकिन, इन ऑटो चालकों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब इस व्यस्त चौराहे के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है।
आमतौर पर देखा जाता है कि ऑटो चालक सवारी मिलने की उम्मीद में या फिर पहले से बैठी सवारी को उतारने के लिए अचानक से सड़क के बीच में ही अपने ऑटो को रोक देते हैं। वे न तो किनारे का ध्यान रखते हैं और न ही पीछे से आ रहे वाहनों की परवाह करते हैं। कई बार तो ऐसा भी देखने को मिलता है कि दो-तीन ऑटो चालक एक साथ सड़क के बीच में खड़े होकर आपस में बातचीत करते रहते हैं, जिससे पूरी तरह से यातायात बाधित हो जाता है।
इनका कहना है
कई बार ऑटो वालो से बहस हो जाती है, जिसमे वह हाथपाई पर उतर आते है एक डैम से कही भी रुक जाते जिसके चलते दुर्घटना की सम्भावना कई हद तक बढ़ जाती है
संजय मलिक, यात्री
इस मामले में आम नागरिकों से भी शिकायते आ रही हैं। जिसके लिए ऑटो चालकों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है.इसके साथ ही सुरक्षा के लिए यातायात पुलिस कर्मियों की संख्या में वृद्धि भी होने वाली है।
विक्रम सिंह रघुवंशी, एडिशनल डीसीपी यातायात भोपाल
