राजधानी में रेड बसों की कमी से लोगों की दिक्कतें बढ़ी, इस साल राहत की उम्मीद नहीं

भोपाल। राजधानी में रेड बसों की कमी के चलते आम जनता परेशानियों का सामना कर रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले दैनिक वेतन भोगी, श्रमिक, विद्यार्थी और अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए रेड बसें जीवन रेखा की तरह थीं, जो उन्हें किफायती और सुलभ यात्रा का विकल्प प्रदान करती थीं। लेकिन पिछले कुछ समय से बसों की संख्या में आई गिरावट ने इनकी रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। आलम यह है कि घंटों इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिल रही हैं। बस स्टॉपों पर सुबह और शाम के समय यात्रियों की लंबी कतारें आम दृश्य बन गई हैं। कई बार तो भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है।

गरीब बस्तियों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। इन क्षेत्रों में रेड बसें ही एकमात्र सार्वजनिक परिवहन का साधन थीं। अब बसों की कमी के कारण उन्हें या तो पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है या फिर ऑटो-रिक्शा और अन्य महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। दूर-दराज से शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढऩे आने वाले छात्र-छात्राओं को अब या तो घंटों पहले घर से निकलना पड़ रहा है या फिर कक्षाओं में देरी से पहुंचने के कारण पढ़ाई का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इनका कहना है

राजधानी में जल्द ही बीएलएल कंपनी इलेक्ट्रिक बसे शुरू करने वाली है, जिससे सभी यात्रियों को राहत मिलेगी इस साल के अंत तक इलेक्ट्रिक बसे शुरू हो जाएंगी.

रोहित यादव, मैनेजर बीसीएलएल भोपाल

 

Next Post

दीवारों खंबो पर लगी प्रचार सामग्री तत्काल हटाओ, स्पॉट फाइन करो

Thu Apr 10 , 2025
भोपाल। निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था तथा कचरा पृथक्कीकरण सम्बन्धी कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि उक्त कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में सुधार न होने पर संबंधितों के […]

You May Like