मुंबई 08 अप्रैल (वार्ता) बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मंगलवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को 17 अप्रैल तक अंतरिम सुरक्षा (गिरफ्तारी नहीं करने या कोई सुधारात्मक कार्रवाई से) प्रदान किया। कामरा वर्तमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
कामरा द्वारा उनके खिलाफ दायर कई एफआईआर को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति श्रीराम मोदक की खंडपीठ ने राज्य सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में कामरा ने उनके व्यंग्यात्मक वीडियो और श्री शिंदे के खिलाफ कथित रूप से “गद्दार” जैसी टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ कई एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी।
अपनी याचिका में कामरा ने उक्त एफआईआर पर रोक लगाने की मांग की। अदालत को बताया गया कि मद्रास उच्च न्यायालय ने कामरा को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को है।
कामरा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नवरोज सीरवाई ने अदालत को बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय का आदेश अपलोड नहीं किया गया है। उनके मुवक्किल को हालांकि 17 अप्रैल तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की गयी है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को खारिज करने के बारे में वास्तव में चिंतित हैं और यदि न्यायालय कुछ समय देने के लिए इच्छुक है, तो केवल एक बात, उनके मुवक्किल ने एक, दो या तीन बार नहीं बल्कि लिखित रूप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली बयान दर्ज कराने की पेशकश की है।
अधिवक्ता सीरवई ने तर्क दिया, “अदालत को मेरे मुवक्किल को मिली मौत की धमकियों पर विचार करना चाहिए। अधिकारी उनके बयान दर्ज करने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि वे यहां शारीरिक रूप से उपस्थित हों। वर्तमान याचिका पर सुनवाई होने तक उनकी शारीरिक उपस्थिति पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए।”
स्टैंड-अप कॉमेडियन कामरा ने 146 पन्नों की याचिका में शिवसेना विधायक मुराजी पटेल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 353(1)(बी), 353(2) और 356(2) के तहत 24 मार्च, 2025 को खार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर की वैधता और औचित्य को चुनौती दी है। बाद में एफआईआर को मुंबई के खार पुलिस थान में स्थानांतरित कर दिया गया।
