नयी दिल्ली, 26 मार्च (वार्ता) केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री कमलेश पासवान ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय मंदिर प्रबंधक परिषद की त्रिशूल यात्रा के 120 त्रिशूलों का पूजन किया।
दिल्ली के महिपालपुर में अंतिम दिन के पड़ाव पर देश भर के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति भी इस पूजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे है। इसमें हजारों श्रद्धालु, साधु-संत और धर्मप्रेमी जन इस महायात्रा में शामिल हुए।
यह यात्रा मौनी अमवस्या, 25 जनवरी से प्रयागराज से शुरू हुई। इसमें 12 ज्योतिर्लिंग, 12 शक्तिपीठ और चार धामों के त्रिशूल शामिल रहे। यात्रा के अंतर्गत 120 त्रिशूल देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों से होते हुए दिल्ली पहुंचे हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर श्री पासवान ने कहा , “त्रिशूल यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का एक प्रयास है। यह यात्रा हमें हमारे मूल्यों से जोड़ने, हमारी संस्कृति को संजोने और धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने की प्रेरणा देती है।”
यात्रा कल सोनीपत के मुरथल पहुंचेगी जहां 21 दिन तक माँ आदि शक्ति और भगवान शिव का महापूजन होगा । इसका समापन 18 अप्रैल को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा।
