नयी दिल्ली, 21 मार्च (वार्ता) भारत एवं यूरोपीय संघ ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा कर समावेशी विकास एवं वैश्विक कल्याण सुनिश्चित करने के उपायों पर आज विचार विमर्श किया।
यह विचार विमर्श शुक्रवार को यहां आयोजित चौथी भारत-यूरोपीय संघ समुद्री सुरक्षा वार्ता में किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों) सुश्री मुआनपुई सायावी और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूरोपीय विदेश कार्य सेवा के सुरक्षा और रक्षा नीति निदेशक मैकीज स्टेडजेक ने किया।
दोनों पक्षों ने समावेशी विकास और वैश्विक कल्याण के लिए अनुकूल एक सुरक्षित समुद्री वातावरण को बनाए रखने के तरीकों से सम्मानित किया। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में चल रही सहयोग पहलों और व्यापक समुद्री सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय तंत्र को मजबूत करने के अवसरों की समीक्षा की। उन्होंने अवैध समुद्री गतिविधियों (आईएमए), महत्वपूर्ण समुद्री बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, क्षेत्रीय क्षमता विकास और क्षमता निर्माण गतिविधियों जैसे क्षेत्रों में अपने साझा प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
