जबलपुर: शहर में फायर आर्म्स की खरीद फरोख्त पड़ोसी राज्यों के कई जिलों से हो रही है। बीते दो माह में 175 प्रकरण अवैध आम्र्स रखने वालो के खिलाफ जबलपुर पुलिस ने दर्ज किए है जिसमें से 41 प्रकरण फायर आम्र्स के है। ये वो मामले है जो पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। पुलिस के हाथ तस्कर और हथियार रखने वाले हत्थे भी चढ़ रहे परंतु मौत का सामान शहर में खपाने वाले बड़े सौदागर पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
यहां से आ रहे आर्म्स
सूत्रों की माने तो तो चाकू जहां राजिस्थान, अन्य जिलों के साथ ऑनलाइन आ रहे है तो फायर आम्र्स घंसौर, भिंड, खरगौन, खरगौन, बिहार, ग्वालियर, सागर, दमोह से भी आ रही है।
इन राज से नहीं उठता पर्दा
चाकू, हैड पिस्टल, पाइन गन, रिवॉल्वर पिस्टल, माउजर, देशी माउजर, राइफल, कट्टा, कहां से आया, स्त्रोत क्या है, इसकी जड़ कहां तक पहुंची है इन राज से पर्दा नहीं उठ पाता है और न ही इस कारोबार के सरगनाओं के नाम तक उजागर नहीं हो पाते है।
सोशल मीडिया में भी बदमाशी
बदमाशी चमकाने सोशल मीडिया गैंग भी सक्रिय है, कुछ युवा तो सिर्फ शोक में अवैध हथियार खरीद रहे है और सोशल मीडिया पर बदमाशी चमका रहे है वहीं बदमाश वारदातें कर रहे है।
ये है अनुमानित कीमत
माउजर-15 से 25 हजार
देशी रिवॉल्वर- 5 से 15 हजार
देशी पिस्टल- 2 से पांच हजार
कट्टा – 1 हजार से 1500 सौ
