इंदौर: लीज नवीनीकरण, फ्री होल्ड और नामांतरण आदि के प्रकरणों एवं शिकायतों के निराकरण में होने वाली लेटलतीफी रोकने और समय पर निराकरण किए जाने के लिए आईडीए की संपदा शाखा का डिजिटलाइजेशन होगा. इसके लिए अगले तीन महीने में सॉफ्टवेयर बनाने का प्रस्ताव है. यह प्रस्ताव संभवत: 27 तारीख को होने वाली बैठक में रखा जाएगा. इसके बाद आईडीए के सभी विभागों की फाइलें सॉफ्टवेयर में दर्ज हो जाएंगी.
आईडीए संपदा शाखा में लीज नवीनीकरण, फ्री होल्ड, नामांतरण का सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा. इस सॉफ्टवेयर के जरिये आवेदक को आवेदन करने से लेकर फाइल के मूवमेंट तक की जानकारी समय-समय पर ऑनलाइन मिलती रहेगी. इसके लिए आवेदक को आवेदन करने के बाद एक आईडी नंबर दिया जाएगा, जिससे वह घर बैठे मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी ले सकेगा. ज्ञात हो कि आईडीए में लीज, फ्री होल्ड और नामांतरण फीस के चालान के लिए भी आवेदक को एक से दो सप्ताह तक इंतजार करना और चक्कर काटने पड़ते हैं. आवेदक थक-हारकर सीईओ के पास शिकायत करने पहुंचते हैं.
50 हजार से ज्यादा संपदा को फाइलें
आईडीए की नई और पुरानी योजनाओं को मिलाकर संपदा शाखा की 50 हजार फाइलें हैं. इसमें नई टीपीएस 1 से लेकर 9 तक के प्लॉट शामिल नहीं हैं. एक अंदाजा के अनुसार टीपीएस में भी तीन हजार प्लॉट बताए जाते हैं.
शुरू हो चुकी डिजिटलाइजेशन की तैयारी
आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े ने बताया कि लीज और संपदा शाखा की सभी प्रॉपर्टी का सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. अगले तीन महीने बाद सारी व्यवस्था डिजिटल हो जाएगी. इसमें आवेदकों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए हर सप्ताह समय-समय पर जानकारी भी अपडेट होगी. सीईओ के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें लीज नवीनीकरण, फ्री होल्ड और नामांतरण के मामलों को लेकर आती हैं. इसका निवारण सॉफ्टवेयर बनाकर किया जाएगा. इसका प्रस्ताव आईडीए की आगामी बैठक में लाया जाएगा
