नयी दिल्ली 04 मार्च (वार्ता) डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम ने कहा है कि वह दो अधिगृहित सहायक कंपनियों लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड (एलआईपीएल) और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एनआईपीएल), से जुड़े कथित फेमा आरोपों के मामलों को सुलझाने का प्रयास करेगी।
पेटीएम ने इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा नोटिस जारी किये जाने पर यह स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि ये कथित उल्लंघन इन दोनों कंपनियों द्वारा पेटीएम का हिस्सा बनने से पहले किए गए लेन-देन से जुड़े हैं। ईडी ने 2015 और 2019 के बीच के लेन-देन के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के तहत कथित उल्लंघनों के लिए नोटिस भेजा है।
पेटीएम ने कहा कि वह कानूनी सलाह ले रही है और उपलब्ध नियामक प्रक्रियाओं के माध्यम से उचित उपायों का मूल्यांकन कर रही है। कंपनी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कथित उल्लंघनों का एक हिस्सा ‘लिटिल’ और ‘नियरबाय’ में उसके निवेश से पहले की अवधि से संबंधित है, जिससे यह पुष्ट होता है कि ये लेन-देन दोनों कंपनियों के उसकी सब्सिडियरी बनने से पहले हुए थे। कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि यह मामला उसके संचालन को प्रभावित नहीं करता है। पेटीएम ऐप पर सभी सेवाएं पूरी तरह से चालू और सुरक्षित हैं, जिसका यूजर्स या व्यापारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।पेटीएम ने पारदर्शिता, शासन और नियामक अनुपालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
