दुबई, 25 फरवरी (वार्ता) चैंपियंस ट्राफी में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण पाकिस्तानी दिग्गजों के कोपभाजन का शिकार बनी मोहम्मद रिजवान की टीम पर निशाना साधते हुये भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने कहा कि भारत की दूसरी पंक्ति की टीम पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के लिए गंभीर चुनौती पेश कर सकती है।
एक खेल प्रसारण पर बोलते हुए, गावस्कर ने मौजूदा टीम से रुतुराज गायकवाड़, इशान किशन, रिंकू सिंह और यशस्वी जयसवाल जैसे खिलाड़ियों को बाहर करने का हवाला देते हुए भारत के प्रतिभा पूल की गहराई पर प्रकाश डाला।
उन्होंने टिप्पणी की, “ मौजूदा पाकिस्तान टीम के लिए भारत की बी टीम को हराना बहुत मुश्किल होगा, हालांकि मैं सी टीम के बारे में निश्चित नहीं हूं।”
गावस्कर ने भारत की मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन का श्रेय इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को दिया, जिसने युवा खिलाड़ियों को उच्च दबाव वाले क्रिकेट का अनुभव प्रदान किया है।
उन्होंने कहा, “ आईपीएल ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय क्रिकेट लगातार मैच के लिए खिलाड़ियों को तैयार करता है। कई क्रिकेटरों ने आईपीएल से रणजी ट्रॉफी और फिर राष्ट्रीय टीम में आसानी से बदलाव किया है।इसके विपरीत, भारत के पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) होने के बावजूद युवा प्रतिभाओं को विकसित करने के पाकिस्तान के संघर्ष पर आश्चर्य व्यक्त किया।
गावस्कर ने कहा, “ पाकिस्तान में हमेशा से ही प्राकृतिक प्रतिभा रही है। भले ही कुछ खिलाड़ी तकनीकी रूप से सही नहीं थे, लेकिन उनके स्वभाव ने इसकी भरपाई कर दी। हालांकि, मौजूदा टीम में उस चमक की कमी है।”
पाकिस्तान के हालिया प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए गावस्कर ने बल्लेबाजी करते समय उनके सतर्क रवैये की ओर इशारा किया। उन्होंने विश्लेषण करते हुए कहा, “ऐसा लग रहा था जैसे वे विजयी स्कोर के बजाय सुरक्षित स्कोर के लिए खेल रहे थे। जब भारतीय स्पिनर काम कर रहे थे, तो ओवर उड़ गए और अचानक, पाकिस्तान ने खुद को ऐसी स्थिति में पाया जहां वे तेजी नहीं ला सके।”
उन्होंने कहा, “ वेस्टइंडीज की तरह, पाकिस्तान भी हमेशा से एक मजबूत टीम रही है। विश्व क्रिकेट को ऐसी टीमों की जरूरत है। प्रशंसक लुभावने शॉट्स और तेजतर्रार स्पैल देखना चाहते हैं और पाकिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से यह प्रदान किया है।”
