शहर विकास के कार्य धड़ल्ले से जारी, कोर्ट की बाधा हटते ही बुलडोजर की बारी

हाईकोर्ट का स्टे हटते ही निगम ने चलाई जेसीबी, केडी गेट चौड़ीकरण में तीन मंजिला मकान जमींदोज

 

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर शहर भर में चौड़ीकरण सौंदर्यकरण, विकास के कार्य से चल रहे हैं। 3 साल के भीतर सभी निर्माण कार्य पूरे किए जाने हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना अनुसार महाकुंभ मनाया जाएगा। जिसमें अधिकारी शिद्दत से जुट गए हैं।

मंगलवार को उज्जैन नगर निगम ने एक और मकान को स्टे हटते ही उसे ढहा दिया। मौके पर बुलडोजर पहुंचा और जो मकान चौड़ीकरण में बाधा हुआ था उसे तोड़ दिया गया। इस दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक ने नवभारत से चर्चा में बताया कि केडी गेट से इमली तिराहा, गौतम मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान अब्दुल गफ्फार और इफ्तिखार खान के मकान नंबर 355 और 355 /1, का तीन मंजिला मकान बाधक बना हुआ था। हालांकि कोर्ट से इस पर स्टे था इस कारण नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं की गई थी। हाई कोर्ट का स्टे हटते ही नगर निगम ने मंगलवार को जेसीबी पोकलेन के माध्यम से मकान को मौके से हटा दिया।

नवभारत से चर्चा में झोनल अधिकारी राजकुमार राठौर ने बताया कि न्यायालय द्वारा स्टे खारिज होने के बाद में नगर निगम ने पुलिस प्रशासन से सहयोग मांगा। मौके पर पुलिस बल भी पहुंचा। इसके बाद तीन मंजिले मकान को तोडऩे का काम शुरू हुआ। मौके पर मकान के साथ तीन दुकानों का भी निर्माण किया गया था। उन्हें भी सामान निकालने का समय दिया गया।

 

निजामुद्दीन कॉलोनी में कुछ मकान बाकी

उज्जैन एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि निजामुद्दीन कॉलोनी से भी अवैध निर्माण अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई पूर्व में की गई है। यह वह हिस्सा है जो अधिग्रहण किया जा चुका है और यहां पर महाकाल लोक विस्तार के कार्य होंगे। मौके पर कुछ ऐसे मकान भी है जिन पर स्टे हैं। वहीं कुछ मकान मालिक ऐसे भी हैं, जिन्होंने खाता नंबर नहीं दिए हैं। इसका कारण शायद विराध बताया जा रहा है। जबकि उन्हें मुआवजा की राशि ट्रांसफर की जाना है। कुल मिलाकर जिन मकानों पर स्टे हैं। वो हटते ही उन मकानों पर भी जेसीबी चलाई जाएगी और बाकी का जो हिस्सा है वह भी खाली कर लिया जाएगा।

 

और भी स्टे चल रहे हैं उनका होगा निराकरण

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर जो विकास कार्य किए जाने हैं। उसमें कई लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए विभिन्न न्यायालय से स्टे प्राप्त कर रखे हैं। हाई कोर्ट से लेकर स्थानीय न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट तक से भी कुछ मकानों को स्टे प्राप्त है। अधिकारियों ने बताया कि स्टे वेकेन्ट होने के बाद उन मकानों को भी तोड़ दिया जाएगा। जिससे की सिंहस्थ तो 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं साधु संतों की मूलभूत सुविधाओं के लिए व्यवस्था की जा सके। जबकि शहर में बढ़ती भीड़ और सडक़ों पर हो रहे अतिक्रमण से यातायात बाधित होता है और उन्हीं कारणों से राहगीरों सहित वाहन चालक परेशान होते हैं।

 

एक साथ शुरू हुए कहीं काम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की परिकल्पना अनुसार इस बार का सिहस्थ भव्य और दिव्य होगा। बड़े स्तर पर महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। मोक्षदायनी मां शिप्रा के जल से ही स्नान किए जाने की बात मुख्यमंत्री द्वारा कही गई है। साथ ही 20 करोड़ श्रद्धालुओं के मद्देनजर शहर की आंतरिक सडक़े चौड़ी की जा रही है। ऐसे में कम से कम एक दर्जन स्थानों पर एक साथ चौड़ीकरण के कार्य लगभग शुरू हो चुके हैं। मकान मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं। 2 साल के अंदर तमाम आंतरिक सडक़े चौड़ी कर दी जाएंगी। ऐसे में यह सभी काम स्थाई प्रकृति के होना है, जिनका लाभ अगले 12 साल तक उज्जैन की जनता को मिलेगा।

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