
इटारसी। करीब 8 साल पहले स्थानीय विधायक डॉ सीतासरन शर्मा की प्रेरणा से शहर को सुंदर बनाने के लिए विधायक मित्र योजना के तहत पूरे शहर में पौधरोपण किया गया था जिससे कई आज बड़े-बड़े पेड बनकर शहर की हरियाली बढ़ा रहे हैं वहीं अधिकांश पर स्वार्थी तत्वों की नजर लग गई और उन्हें काटा और उजाड़ा जा रहा है।
इसका ताजा उदाहरण न्यास कालोनी के महावीर स्कूल की पूर्व दिशा में बन चुके मुख्य द्वार के सामने देखा जा सकता है जहां विधायक वृक्ष मित्र योजना के लगभग 30 से 40 वृक्षों को काट दिया गया है। उल्लेखनीय बात यह है कि उक्त मुख्य द्वार के भूमि पूजन समारोह में विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका के पार्षद और अधिकारी भी मौजूद थे। यह पेड़ किसने काटे इसका पता नहीं चल पा रहा है। स्कूल के गेट बताने वालों का कहना है यह पेड़ नगरपालिका ने काटे हैं। पर नगर पालिका में कोई भी जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
यहां भी काटे गये वृक्ष – सिर्फ यही नहीं माता मंदिर अस्पताल रोड एफसीआई रोड, न्यास कॉलोनी पेट्रोल पंप रोड, स्टेशन के पास. सूरज गंज के सामने, गल्र्स स्कूल, गल्र्स कालेज के पास, अस्पताल परिसर के बाउंड्रीवाल से लगे वृक्षों को काट दिया गया
विधायक के अपने ही कटवा रहे वृक्ष- विधायक मित्र योजना को असफल करने में विधायक के अपने करीबी, अपनी दुकान, मकान के सामने कोई पेड़ पौधा न दिखे इसके लिये सबसे अधिक पेड़ों की कटाई उन्हीं के लोगों ने कराई है। रजत मिश्रा ने बताया कि कान्वेंट स्कूल के साइड में जो वृक्ष दिख रहे हैं उनमें दुकानदारों का सहयोग मिला है. उन्होंने सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोडी. हमने पौधों को समय पर पानी दिया तथा ट्री गार्ड चोरी हो जाने पर उन्हे तत्काल बदल दिया गया. बताया जाता है कि शहर में पिछले 10 वर्षों में जो पोधे लगाये गये थे उसमें से कुछ बचे हैं वह शहर की हरियाली को बढावा दे रहे हैं. बाकी पोधों को लोगों ने अपने मतलब से उखाड कर या काटकर फेंक दिये. क्योंकि उनकी दुकान, शो रूम के सामने आ रहे थे.
इनका कहना है कि
योजना के सफल होने के परिणाम शहर वासियों को दिख रहे हैं लेकिन जो लोग पेडों को कटवा रहे हैं उनकी जानकारी लेकर कार्यवाही की जावेगी.
डॉ सीतासरन शर्मा विधायक
पार्ढुना की तर्ज पर हो तैयारी
पार्ढुना में करोनो काल के दौरान नीम , पीपल के पौधे रोड के दोनो तरफ, बाजारों में भी दुकानों के सामने लगाये गये है लेकिन एक भी पौधा या पेड नागरिकों द्वारा नहीं काटा गया. इससे वहां की सुंदरता अलग ही देखने को मिलती है. बताया जाता है कि, कोरोना काल में एक शराब ठेकेदार ने पाढुर्ना के पूरे बाजार क्षेत्र और अन्य जगह पर इन पौधों का रोपण करवाया गया था जो कि आज बडे वृक्ष का रूप लेकर शहर को सुंदर बनाने और नागरिकों को शुद्ध आक्सीजन मिल सके. ऐसे पौधे लगाये गये हैं. क्या हमें भी पार्ढुना की तर्ज पर कुछ पौधारोपण करना चाहिए.
