एलिवेटेड ब्रिज के पीले निशान देख व्यापारी हुए लाल

उज्जैन: सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए दो एलिवेटेड ब्रिज निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के बाद अब इस योजना पर प्रशासनिक स्तर पर अमल शुरू कर दिया गया है. पीडब्ल्यूडी सेतु विकास निगम द्वारा इन दोनों ब्रिजों का निर्माण किया जाएगा. हालांकि प्रभावित व्यापारी और मकान मालिक योजना से सहमत नहीं है.

जिन मार्गों पर एलिवेटेड ब्रिज प्रस्तावित हैं, वहां पर दुकानों और मकानों के सामने पीले निशान लगाकर मार्किंग की जा चुकी है. मार्किंग होते ही पीले निशान देख प्रभावित क्षेत्रों में लोग गुस्से से लाल हो गए, हड़कंप की स्थिति बन गई है और लोग अपने मकान-दुकान बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाने लगे हैं.

ट्रैफिक जाम से मुक्ति
महाकाल की नगरी में बनने वाले इन एलिवेटेड ब्रिजों को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है. प्रशासन का तर्क है कि शहर के जिन मार्गों पर यह ब्रिज बनाए जाने हैं वहां अक्सर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है. सड़कें संकरी होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है और कई जगहों पर दुकानदार अपना सामान सड़क तक रख लेते हैं जिससे रास्ता और संकरा हो जाता है. सिंहस्थ के दौरान पेशवाई, धार्मिक यात्राएं, महाकाल की सवारी और पंचकोशी यात्रा भी इन्हीं मार्गों से गुजरती हैं, इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एलिवेटेड ब्रिज निर्माण आवश्यक माना जा रहा है.

पहले एलिवेटेड ब्रिज पर एक नजर
पहला एलिवेटेड ब्रिज मकोड़िया आम नाका से देवास गेट, इंदौर गेट होते हुए नीलगंगा क्षेत्र तक बनाया जाएगा. इस ब्रिज की लंबाई लगभग 3.5 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 19.6 मीटर यानी लगभग 65 फीट प्रस्तावित है. जमीन पर लगभग 5 फीट व्यास के पिलर खड़े किए जाएंगे जिनकी दूरी 30 से 60 मीटर के बीच होगी.

ये दूसरा एलिवेटेड
वहीं दूसरा एलिवेटेड ब्रिज इंदौर गेट से बुधवारिया के बीच बनाया जाएगा, जो नई सड़क, फव्वारा चौक और दौलतगंज जैसे अति व्यस्ततम क्षेत्रों से जुड़ेगा. इस ब्रिज की चौड़ाई लगभग 11 मीटर यानी करीब 36 फीट होगी. इसके पिलर करीब 14 मीटर यानी लगभग 46 फीट ऊंचे होंगे और पिलरों की दूरी 30 से 40 मीटर के बीच रखी जाएगी.

10 करोड़ 40 लाख कंसल्टेंसी फीस
दोनों एलिवेटेड ब्रिज की डिजाइन लाइन इंजीनियरिंग कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा तैयार की गई है, जिसके लिए करीब 10 करोड़ 40 लाख रुपये का पारिश्रमिक दिया गया है.

409 करोड़ के दोनों ब्रिज
पूरे प्रोजेक्ट के सिविल कार्यों पर लगभग 409 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. सिंहस्थ के लिए विशेष रूप से गठित किए गए डिवीजन के कार्यपालन यंत्री अवनेंद्र सिंह ने बताया कि जिन मकान और दुकानों पर चौड़ीकरण या निर्माण कार्य का प्रभाव पड़ेगा, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और इसके लिए प्रभावितों की सूची तैयार की जा रही है.

15 अप्रैल को खुलेंगे टेंडर
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत दोनों एलिवेटेड ब्रिजों के लिए टेंडर 15 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और प्रशासन का दावा है कि करीब 18 महीने में दोनों एलिवेटेड ब्रिज तैयार कर लिए जाएंगे.

दुकानदारों व्यापारियों मकान मालिकों में हड़कंप
इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में असंतोष भी दिखाई दे रहा है. देवास गेट और इंदौर गेट क्षेत्र के होटल व्यवसायी, दुकानदार और अन्य व्यापारी बड़ी संख्या में प्रभावित हो सकते हैं. उनका कहना है कि वर्ष 2004 के कुंभ और 2016 के सिंहस्थ के दौरान भी उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन और संपत्ति का हिस्सा दिया था. अब एक बार फिर यदि मकान और दुकानें तोड़ी गईं तो उनके व्यापार पर गंभीर असर पड़ेगा.

जिम्मेदारों से गुहार
प्रभावित लोग उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा और जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रख चुके हैं. कई व्यापारी इस योजना के विरोध में बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं. साथ ही हाई कोर्ट जाने की भी तैयारी चल रही है. व्यापारियों का कहना है कि यदि एलिवेटेड ब्रिज बनाना ही है तो सिंहस्थ 2028 के बाद निर्माण कार्य किया जाए, क्योंकि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो सिंहस्थ के दौरान उनका व्यापार भी प्रभावित होगा और तोड़फोड़ के बाद नई दुकान या होटल बनाने के लिए न तो पर्याप्त जगह बचेगी और न ही बैंक से लोन मिल पाएगा.

इंदौर गेट पर सर्कल
इस परियोजना के तहत इंदौर गेट क्षेत्र का स्वरूप भी बदलेगा. वर्तमान में जो तिराहा है, उसे तोड़फोड़ के बाद लगभग 180 फीट चौड़ा किया जाएगा. दोनों एलिवेटेड ब्रिज इसी स्थान पर जुड़ेंगे और यहां एक बड़ा सर्कल बनाया जाएगा. इस सर्कल की कनेक्टिविटी हरि फाटक ब्रिज और इंदौर रोड के सिक्स लेन मार्ग से होगी, जिससे शहर के यातायात को सुगम बनाने की योजना है.

Next Post

​तारीख बढ़ी तो टूटा सब्र: शादी-ब्याह के खर्च के लिए मंडी में गेहूं बेचने को मजबूर अन्नदाता

Tue Apr 7 , 2026
ब्यावरा। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ा देने से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शादी ब्याह के सीजन व अन्य आवश्यक कार्यो में पैसो की सख्त आवश्यकता के चलते अब समर्थन मूल्य खरीदी का इंतजार किए बिना कृषि मंडी में ही बड़ी मात्रा […]

You May Like