
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
चचेरे भाई के तिलक कार्यक्रम में हुआ हादसा
भोपाल, 22 जनवरी. राजधानी के निशातपुरा इलाके में आयोजित एक गोद भराई और तिलक कार्यक्रम के दौरान 2 साल का मासूम बच्चा गर्म तेल से भरी कढ़ाई में गिर गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. हादसा रात करीब ग्यारह बजे उस वक्त हुआ, जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर भोजन की तैयारी कर रहा था. पूरियां तलने के बाद कढ़ाई को भट्टी से उतारकर बाहर रख दिया गया था, लेकिन उसके अंदर मौजूद तेल काफी गर्म था. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद लाश परिजन को सौंप दी है. पुलिस के मुताबिक शिवनगर कालोनी विदिशा रोड भोपाल निवासी राजेश साहू स्वयं का व्यवसाय करते हैं. उनके भतीजे अंकित साहू की शादी ग्राम चोपड़ाकला विदिशा रोड निवासी मेघा साहू से तय हुई है. दोनों परिवारों ने 20 जनवरी को गोद भराई और तिलक का कार्यक्रम रखा था. कार्यक्रम का आयोजन निशातपुरा स्थित मित्तल कालेज के पास संस्कार मैरिज गार्डन में आयोजित किया गया था. गोद भराई और तिलक कार्यक्रम के बाद शाम सात बजे से मेहमानों के भोजन की व्यवस्था की गई थी. रात करीब ग्यारह बजे ज्यादातर मेहमान भोजन करने के बाद मैरिज गार्डन से निकल चुके थे और कार्यक्रम समाप्त होने को था. उसके पहले दोनों परिवार के लोग एकसाथ बैठकर भोजन की तैयारी कर रहे थे. खेलते समय कढ़ाई में गिरा मासूम बच्चा राजेश परिवार वालों के साथ भोजन के लिए बैठे हुए थे, जबकि उनका छोटा बेटा 2 साल का अक्षांश साहू गार्डन में ही खेल रहा था. खेलते हुए वह उस स्थान पर पहुंच गया, जहां खाना बनाया गया था. हलवाइयों ने काम खत्म करने के बाद गर्म तेल से भरी कढ़ाई भट्टी से उतारकर बगल में रख दी थी. अक्षांश खेलते समय चबूतरे पर चढ़ गया, जहां तेल के छींटे फैले दोने के कारण काफी फिसलन थी. अचानक अक्षांश का पैर फिसला और वह तेल से भरी कढ़ाई में गिर पड़ा. नजर पड़ते ही पिता दौड़कर पहुंचे. इस दौरान घर जाने की तैयारी में खड़़े हलवाई भी दौड़े और अक्षांश को बाहर निकाला गया. निजी अस्पताल में बच्चे ने तोड़ा दम कढ़ाई से निकालने के बाद परिजन बच्चे को इलाज के लिए डीआईजी बंगला स्थित निजी अस्पताल लेकर पहंचे. हालत में सुधार नहीं होने के कारण बच्चे को चूनाभट्टी स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस हादसे के बाद से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है. बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. वह बार-बार बच्चे को याद कर बेसुध हो जाती है.
