बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए मृत्युदंड सुनाया जाना पूरे दक्षिण एशिया में भूचाल लाने वाला फैसला है. यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया का अंत नहीं है, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत है,जिसमें […]

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई ने रिटायरमेंट से ठीक पहले एक ऐसी बात कह दी है, जिसने देशभर में आरक्षण को लेकर नई बहस छेड़ दी है. सवाल बड़ा है कि क्या अनुसूचित जातियों (एससी) में भी क्रीमी लेयर लागू होनी चाहिए ? आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में […]

पाकिस्तान की संसद द्वारा पारित 27 वें संवैधानिक संशोधन ने उसके सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को जिस तरह की असीमित शक्तियां प्रदान की हैं, वह केवल पड़ोसी देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया, विशेष रूप से भारत की सुरक्षा संरचना को सीधे प्रभावित […]

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का जनादेश बेहद स्पष्ट है,राज्य की जनता ने विकास, स्थिरता और भरोसेमंद नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को एक बार फिर सशक्त जनादेश सौंपा है. शुरुआती रुझानों से ही यह संकेत मिलने लगे थे कि जनता बदलाव नहीं, बल्कि निरंतरता चाहती है. अब […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ विजन को वास्तविक धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को औद्योगिक नवाचार का राष्ट्रीय मॉडल बना दिया है. सुशासन, नीति-स्थिरता और पारदर्शिता के त्रिवेणी संगम से प्रदेश की आर्थिक रफ्तार को नई दिशा मिली है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस […]

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने भारत के लोकतांत्रिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया है. कुल 66.91 फीसदी मतदान में से महिलाओं की भागीदारी 71.6 फीसदी रही, जो पुरुषों के 62.8 फीसदी मतदान से लगभग 8.8 फीसदी अधिक है. यह अंतर केवल सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में […]

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार को हुए कार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया. यह घटना केवल एक आतंकी हमला नहीं, बल्कि हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर नसों को उजागर करने वाला चेतावनी संकेत है. राष्ट्र की राजधानी, जहां हर कदम पर सुरक्षा के कठोर प्रावधान […]

ब्राजील के बेलेम में चल रहे कोप 30 सम्मेलन में भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि जलवायु संकट से निपटने का रास्ता “जलवायु न्याय” और “साझा लेकिन विभेदित जि़म्मेदारियां” से होकर ही निकलता है. दुनिया आज जब भीषण ताप लहरों, असंतुलित मानसून और चरम मौसम की […]

देश की न्यायपालिका ने साइबर अपराध के सबसे खतरनाक रूप ‘डिजिटल अरेस्ट’ के खिलाफ आखिरकार वह दृढ़ता दिखाई है जिसकी इस समय में सबसे ज्यादा आवश्यकता थी. यह सिर्फ ऑनलाइन ठगी नहीं; यह नागरिकों के मनोविज्ञान, उनकी सुरक्षा भावना और न्याय व्यवस्था पर भरोसे पर किया गया संगठित हमला है. […]

सर्वोच्च न्यायालय का हालिया निर्णय,जिसमें हर गिरफ्तारी का कारण लिखित रूप से देना अनिवार्य ठहराया गया है दरअसल,भारतीय लोकतंत्र में व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा को नई ऊंचाई देता है. ‘मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले से उपजा यह फैसला केवल एक चर्चित दुर्घटना से जुड़ा न्यायिक हस्तक्षेप नहीं, बल्कि […]