suruchiclubnavabharat@gmail.com कुछ एहसास कहे नहीं जाते, बस महसूस किए जाते हैं… मां के हाथों का सुकून, पिता की खामोश चिंता, दोस्त का बिना कहे साथ, किसी अपने की आवाज में छिपा अपनापन या बचपन की कोई मीठी याद—जिंदगी ऐसे ही अनगिनत एहसासों से खूबसूरत बनती है। सुरुचि के नए कॉलम ‘अपनेपन का […]
संपादकीय
संपादकीय
देश के कई हिस्सों में इन दिनों वायरल संक्रमण और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढऩा चिंता का विषय है. तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को सामान्य मौसमी बीमारी मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सचिवों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिया गया यह संदेश कि वे केवल आज की समस्याओं और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले भारत की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाएं, कार्यपालिका को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में […]
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि इसके राजनीतिक और रणनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण हैं. खासकर उनका यह कहना कि ‘कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा है’, पाकिस्तान के लिए निश्चित रूप से असहज करने वाला बयान है. यही कारण है कि […]
मध्य प्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली मां नर्मदा के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी ‘नमन मिशन’ को मंजूरी देकर एक महत्वपूर्ण पहल की है. नदी संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था या सरकारी परियोजना के दायरे से बाहर निकालकर पर्यावरणीय सरोकार के […]
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम घोषित कर संगठन की आगामी राजनीतिक दिशा के संकेत दे दिए हैं. इसे केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति के रूप में देखना उचित नहीं होगा. नई टीम में अनुभव, युवा नेतृत्व, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को साधने की कोशिश […]
बरसों तक नियंत्रण में रहने के बाद खुदरा महंगाई का फिर रफ्तार पकडऩा चिंता का विषय है. जुलाई में खुदरा महंगाई बढक़र 4.45 प्रतिशत पहुंच गई, जो पिछले कई महीनों का उच्च स्तर है. खाद्य महंगाई भी बढ़ी है. भले ही महंगाई अभी रिजर्व बैंक की सहनशील सीमा छह प्रतिशत […]
स्वाधीनता का अर्थ केवल पराधीनता की बेडिय़ों से मुक्ति नहीं होता. स्वाधीनता उस चेतना का नाम है, जिसमें व्यक्ति को प्रश्न पूछने, विचार रखने, अपनी राह चुनने और सत्ता से असहमति व्यक्त करने का अधिकार प्राप्त हो. इसलिए स्वाधीनता दिवस केवल अतीत की उस ऐतिहासिक विजय का उत्सव नहीं है, […]