
उज्जैन। लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार सुबह कलेक्ट्रेट भवन में एडीएम कार्यालय पर छापा मारा और बाबू को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। बाबू द्वारा 50 हजार रिश्वत की मांग की गई थी, 20 हजार में बात तय हुई थी।
लोकायुक्त निरीक्षक दीपक शेजवार ने बताया कि नागदा के बिरलाग्राम में रहने वाले बृजेश पिता तिलक धारी विश्वकर्मा ने 29 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे एडीएम कार्यालय का बाबू रोहित गोठवाल द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगी जा रही है। 20 हजार में रिपोर्ट फेवर में बनाने की बात तय की गई है। वह रिश्वत देना नहीं चाहता है बावजूद उससे रिश्वत मांगी जा रही है। निरीक्षक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित द्वारा जांच के निर्देश दिए गए जिसमें रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट होने पर सुबह ट्रैप की कार्रवाई के लिए दल गठित किया गया और कार्यालय पहुंचकर बाबू रोहित गोठवाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। शिकायतकर्ता बृजेश विश्वकर्मा ने बताया कि मेरी माता के नाम पर उज्ज्वला योजना गैस कनेक्शन था। कृष्णा गैस एजेंसी द्वारा उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए गए। सूचना के अधिकार से जानकारी मांगी गई तो सिलेंडर दूसरे को दिए जाना सामने आया। जिसकी शिकायत खाद्य विभाग से की गई थी। जहां जांच पूरी होने पर कार्रवाई के लिए एडीएम कार्यालय भेजा गया था। बाबू द्वारा जांच रिपोर्ट फेवर में बनाने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी।
राशि के साथ बाबू के कक्ष में भेजा था
लोकायुक्त निरीक्षक शेजवार के अनुसार योजना बनाकर बृजेश विश्वकर्मा को रिश्वत की राशि के साथ बाबू के कक्ष में भेजा गया था रिश्वत लेने का सिग्नल मिलते ही रंगे हाथ पकडऩे की कार्रवाई को पूरा किया गया है। बाबू को पद से हटाने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का प्रकरण दर्ज कर बाबू को जमानत पर छोड़ गया हैं।
