नयी दिल्ली 07 नवंबर (वार्ता) भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है।
शमी ने देर रात सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने टेस्ट क्रिकट से संन्यास लेने की घोषणा की। शमी ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट उनके लिए केवल एक प्रारूप नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी का बेहद खास हिस्सा रहा है।”
36 साल के शमी ने नवंबर 2013 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। उनकी अपनी काबिलियत का परिचय विकेट-टू-विकेट गेंदबाजी करने और अपने शानदार सीम के साथ उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में 118 रन देकर नौ विकेट लिए थे। यही उनका टेस्ट क्रिकेट का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन भी रहा है।
शमी ने जून 2023 में इंग्लैंड दौरे पर द ओवल में भारत के लिए अपना आख़िरी टेस्ट खेला था। इस प्रारूप में उनके नाम 64 मैचों में 229 विकेट दर्ज हैं। वह भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले पांच तेज गेंदबाजों की लिस्ट के बेहद करीब रहे। हालांकि, इस दौरान वह लगातार बंगाल के लिए रणजी में खेलते रहे। पिछले सीजन ही उन्होंने सात रणजी मैचों में 37 विकेट चटकाए थे। वह सीजन में दूसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज़ रहे थे।
शमी ने अपने टेस्ट में पर्दापण की वर्षगांठ पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “इस 13 साल के सफर में, इस कैप और इस गेंद ने मुझे मोहम्मद शमी बनाया है। कई उतार-चढ़ाव आए, मैं गिरा भी, मुझे चोटें भी लगीं, मैं घायल भी हुआ। लेकिन इस बैज के लिए मैं फिर से खड़ा हो गया। तो, यह 13 साल का सफर बहुत अच्छा रहा है। मेरे कोच, ट्रेनर, फिजियो, एडिटिंग टीम और जिन लोगों ने भी थोड़ा-बहुत योगदान दिया है, मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। खासकर फैंस को। क्रिकेट फैंस ने जो नाम बनाया है और वे इस नाम को जो हौसला देते हैं, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। आप सभी का, उन सभी फैंस का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने क्रिकेट से इतना प्यार किया और इस नाम को यहां तक पहुंचाया। मुझे टेस्ट कैप छह नवंबर को मिली थी, और आज भी 6 नवंबर है। तो, चलिए आज इस 13 साल के सफर को यहीं खत्म करते हैं। मैंने आज ही डेब्यू किया था, और आज ही मैं संन्यास ले रहा हूं। मैं इसे छोड़ रहा हूं, लेकिन मैं सफेद गेंद क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा, चाहे वह आईपीएल हो या घरेलू क्रिकेट। और अगर फिटनेस के लिए जरूरत पड़ी, तो मैं लंबे फॉर्मेट वाला क्रिकेट भी खेलता रहूंगा, लेकिन इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट से मैं विदा ले रहा हूं। तो, अब तक का सफर यही था। मैंने इसकी शुरुआत आज ही की थी, और आज ही मैं इसे खत्म कर रहा हूं।”
भारत के लिए शमी का आखिरी लाल गेंद मैच 2023 में पहला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था। उनके करियर में कई यादगार पल रहे, और हैरानी की बात यह है कि एक सीम बॉलर होने के बावजूद, इनमें से ज्यादातर पल घरेलू मैदानों पर आए। जबकि वहां की पिचें उनकी गेंदबाज़ी शैली के अनुकूल नहीं मानी जाती थीं। उनकी एक और ख़ास बात यह थी कि वे पहली पारी के मुक़ाबले दूसरी पारी में कहीं ज़्यादा ख़तरनाक नजर आते थे। इन दोनों बातों का कारण उनका गेंदबाज़ी करने का तरीका हो सकता है; वे स्टंप्स को निशाना बनाने पर इतना जोर देते थे कि 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की 4-0 की टेस्ट सीरीज़ जीत के दौरान, उन्होंने एलेस्टेयर कुक के स्टंप को ही दो टुकड़ों में तोड़ दिया था। उनके द्वारा लिए गए कुल विकेटों में से लगभग 45 प्रतिशत विकेट ‘बोल्ड’ या ‘पगबाधा के जरिए आए थे।
शमी का औसत 27.71 और स्ट्राइक रेट 50.2 रहा। भारत में, उनका औसत 22.1 था और उन्होंने हर 42.6 गेंदों पर एक विकेट लिया। कुल मिलाकर, भारत में केवल चार ऐसे गेंदबाज़ हैं जिनका स्ट्राइक रेट उनसे बेहतर है। मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल के बाद से शमी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेले हैं। तेज गेंदबाजों को अक्सर शरीर की चोटों और समस्याओं से जूझना पड़ता है, और इसी वजह से टीम मैनेजमेंट ने उनके अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया।
शमी ने अपने संदेश के आखिर में भावुक अंदाज में लिखा, “मैदान पर भले ही मैं अपनी आख़िरी टेस्ट गेंद फेंक चुका हूं, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व हमेशा मेरे दिल में ज़िंदा रहेगा। शुक्रिया, टेस्ट क्रिकेट।”
