वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बलवंत सिंह दे रहे बालिकाओं एवं महिलाओं को निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण, 500 बालिकाओं की भागीदारी

ग्वालियर: बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मविश्वासी, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ ग्वालियर हेरिटेज एवं दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आज गुरुवार से शासकीय केआरजी कॉलेज, ग्वालियर में तीन दिवसीय निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बलवंत सिंह देवड़ा पहली बार ग्वालियर आए हैं। उनके द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए सक्षम बन सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम बैच प्रातः 8 बजे से 11बजे तक चला तथा द्वितीय बैच दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक** संचालित होगा। यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है। उन्होंने आज छात्राओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, रूपरेखा की जानकारी दी।रोटरी क्लब ऑफ ग्वालियर हेरिटेज की ओर से असिस्टेंट गवर्नर गजेन्द्र सिंह कुशवाह, अध्यक्ष विवेक तिवारी, सचिव जितेंद्र भदौरिया, पूर्व अध्यक्ष शरद भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, हेमंत सिंह, प्रशांत भदौरिया एवं जय सिंह कुशवाहा उपस्थित रहे।
दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति की ओर से अध्यक्ष श्रीमती स्मिता नवीन पवार, उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा भदौरिया, सचिव श्रीमती शोभा पाठक, सह सचिव श्रीमती आरती दांतरे, कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण यादव, मंत्री श्रीमती सुनीता खानविलकर, सह मंत्री श्रीमती शोभा त्रिपाठी, सांस्कृतिक सचिव श्रीमती निशा जादौन, सह संस्कृति सचिव श्रीमती मोनिका राणा एवं क्रीड़ा सचिव श्रीमती पूजा बंसल उपस्थित रहीं।
दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता नवीन पवार ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर ग्वालियर की बालिकाओं एवं महिलाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 500 बालिकाओं के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। यह संख्या आत्मरक्षा प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता एवं इसकी आवश्यकता को दर्शाती है।
दोनों अध्यक्षों ने कहा कि वर्तमान समय में बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना, आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराना तथा उन्हें किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से सक्षम बनने हेतु प्रेरित करना है।
आयोजक संस्थाओं ने ग्वालियर की बालिकाओं एवं महिलाओं से इस महत्वपूर्ण पहल में सहभागिता करने तथा निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की है।

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