
बालाघाट, बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित मांग अब पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य, जिसकी लागत लगभग ₹2.70 करोड़ है, को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। इस कार्य के पूर्ण होने से खमरिया ब्लॉक के 30 से अधिक ग्रामों के किसानों को सिंचाई व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।
पाथरी लघु जलाशय की नहरों की स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसान लंबे समय से सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग की मांग करते रहे हैं। नहरों के जीर्ण-शीर्ण होने तथा जल प्रवाह में आने वाली समस्याओं के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होती रही है। ऐसे में नहरों का सुदृढ़ीकरण और लाइनिंग कार्य क्षेत्र की कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
30 से अधिक गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
इस बहुप्रतीक्षित कार्य से खमरिया ब्लॉक के 30 से अधिक ग्रामों के किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। नहरों की लाइनिंग एवं सुदृढ़ीकरण के बाद सिंचाई जल के प्रवाह को अधिक व्यवस्थित करने तथा उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग करने में सहायता मिलेगी।
पाथरी लघु जलाशय से जुड़ी सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर किसानों के लिए यह कार्य खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नहरों की क्षमता और संरचना में सुधार होने से खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में सुविधा होगी तथा किसानों को सिंचाई व्यवस्था के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
लंबे समय से विधायक अनुभा मुंजारे उठा रही थीं मांग
पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग का विषय विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे द्वारा लगातार मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव जी और जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव के समक्ष अपनी बात रखी थी। मध्यप्रदेश विधानसभा में भी विधायक द्वारा पाथरी जलाशय की नहरों की स्थिति और क्षेत्र के किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया था। विधानसभा के उपलब्ध अभिलेख में भी पाथरी जलाशय की नहरों के लाइनिंग कार्य के लिए ₹270.37 लाख का प्रस्ताव आर.आर.आर. मद के अंतर्गत तैयार किए जाने का उल्लेख है।
विधायक कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब इस कार्य को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिलने से आगे की विभागीय प्रक्रिया का रास्ता खुल गया है।
किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम
पाथरी लघु जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण केवल नहर निर्माण से जुड़ा कार्य नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध क्षेत्र के किसानों की सिंचाई व्यवस्था से है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई की उपलब्धता बेहतर होने से किसानों को अपनी फसलों के लिए पानी की व्यवस्था में सुविधा मिल सकती है।
इस कार्य से क्षेत्र में सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायता मिलेगी और जलाशय की उपलब्ध जल क्षमता का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। अब किसानों को उम्मीद है कि प्रशासकीय स्वीकृति के बाद निविदा एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य जमीन पर प्रारंभ कराया जाएगा।
विधायक अनुभा मुंजारे ने जताया आभार
विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग कार्य को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर मध्यप्रदेश शासन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रति आभार व्यक्त किया है।
विधायक ने कहा कि पाथरी लघु जलाशय की नहरों का सुदृढ़ीकरण क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग थी। किसानों की आवश्यकता और क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस विषय को लगातार शासन के समक्ष रखा गया। स्वीकृति मिलने से किसानों की मांग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के किसानों के हितों से जुड़े सिंचाई कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना उनका निरंतर प्रयास रहेगा। अब उनकी प्राथमिकता रहेगी कि स्वीकृति के बाद विभागीय प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से प्रारंभ एवं पूर्ण कराया जाए।
किसानों में खुशी की उम्मीद
पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग की स्वीकृति की खबर से क्षेत्र के किसानों में भी उम्मीद जगी है। लंबे समय से नहरों के सुधार की मांग कर रहे किसानों के लिए यह कार्य सिंचाई सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पाथरी लघु जलाशय की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग से न केवल नहरों की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि खमरिया ब्लॉक के 30 से अधिक ग्रामों की कृषि व्यवस्था को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि किसानों की आवाज को सदन से लेकर शासन तक लगातार उठाया जाता रहेगा और बालाघाट विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई, सड़क, बिजली एवं अन्य मूलभूत विकास आवश्यकताओं के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
