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भोपाल। मध्यप्रदेश में इस वर्ष बारिश का वितरण बेहद असमान रहा है। इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज होने से मिट्टी में नमी, खरीफ फसलों, जलस्रोतों और आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार से कम बारिश वाले सभी क्षेत्रों का वैज्ञानिक और तहसीलवार सर्वे कराने तथा प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है।
पटवारी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों का आकलन केवल बारिश के आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए फसलों की स्थिति, मिट्टी में नमी, जलस्रोतों और भूजल स्तर की भी जांच जरूरी है। इसके बाद ही किसी क्षेत्र को सूखा या सूखा प्रभावित घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि अंतिम सर्वे और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किए बिना प्रभावित किसानों को राहत देना शुरू किया जाए। फसल नुकसान के अनुपात में प्रति हेक्टेयर मुआवजा, फसल बीमा दावों का तत्काल निपटारा और भुगतान तथा अल्पकालीन कृषि ऋण की वसूली स्थगित करने के साथ ब्याज में राहत देने की मांग की गई।
पटवारी ने रबी सीजन के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि आदानों पर विशेष सहायता देने तथा प्रभावित गांवों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अंतिम आकलन पूरा होने तक किसानों को अंतरिम आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामला केवल बारिश के आंकड़ों का नहीं, बल्कि लाखों किसानों की आजीविका और आगामी कृषि सीजन से जुड़ा है। सरकार को औसत बारिश के आंकड़ों के बजाय जमीनी स्थिति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समयबद्ध राहत देनी चाहिए।
