इंदौर:नगर निगम के कार्यक्रम में एक बार फिर महापौर और क्षेत्रीय विधायक के बीच जुबानी जंग हुई. इससे भाजपा के राजनीतिक हलकों में दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई सतह आ गई है. इसको इससे समझा जा सकता है कि महापौर ने मंच से माइक पर ही गौड़ की अयोध्या को नकार दिया. अयोध्या का श्रेय विजयवर्गीय को दिया.महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक मालिनी गौड़ के बीच विधानसभा चार लंबे समय से शीत युद्ध चल रहा है. इस बार दोनों के बीच जुबानी जंग भी छिड़ गई. इसका कारण है महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा मास्टर प्लान की सड़क पर 40 साल से जमी झुग्गी बस्ती हटाकर अटलजी ने नाम पर सड़क निर्माण करना है.
उसका लोकार्पण मुख्यमंत्री से न सिर्फ़ करवाना, बल्कि मुख्यमंत्री द्वारा महापौर को सड़क ओर शहर के विभिन्न विकास कार्यों का श्रेय देना है. कल लोकार्पण कार्यक्रम में मंच पर विधायक मालिनी गौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि लखन दादा की अयोध्या में आपका स्वागत है. उनकी अयोध्या में अटल पथ का निर्माण हुआ है, जो बड़ी बात है. इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने संबोधन में मालिनी गौड़ की लखन दादा की अयोध्या पर मंच से खुले तौर पर कटाक्ष किया कि लखन दादा के पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस क्षेत्र के विधायक बने है. उन्होंने इस क्षेत्र को अयोध्या बनाया है. महापौर के उक्त बात कहने के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मंच पर ही मौजूद थे. महापौर भार्गव की मुख्यमंत्री ने खूब सराहना की, लेकिन उक्त बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. मगर, महापौर द्वारा माइक से सीधे यह बात कहने से वहां मौजूद भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में कानाफूसी शुरू हो गई.
पिछले दिनों हुई घटना से जोड़ा
बताया जा रहा है कि महापौर ने उक्त बात कहकर स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या पर किसी का एकाधिकार नहीं है. इसको आरएसएस और हिन्दरक्षक संगठन के बीच पिछले दिनों हुई घटना के तौर पर भी देखा जा रहा है. पिछले दिनों हिंदरक्षक और आरएसएस के बीच विवाद हुआ था. महापौर आरएसएस से सीधे जुड़े हैं. मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड ने अन्नपूर्णा थाने में आरएसएस लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.
